मीटिंग को आरंभ में छोड़ हॉल के बाहर विरोध करते हुए कांग्रेसी पार्षद।
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नगर निगम की पांचवीं हाउस मीटिंग का मंगलवार को कांग्रेसी पार्षदों ने हंगामा करने के बाद बहिष्कार कर दिया। इसके बाद काऊ सेस, नए वाहन खरीदने, कर्मचारी भर्ती करने, रेन हार्वेस्टिंग लागू करने समेत 39 प्रस्ताव पेश किए गए। वहीं पार्षद गणेश कुमार की ओर से कांग्रेसियों को अपशब्द कहने पर मेयर और भाजपा जिला प्रधान ने माफी मांगी।
मीटिंग के शुरू होते ही कांग्रेसी पार्षद विभूति शर्मा ने मेयर अनिल वासुदेवा के खिलाफ धावा बोलते हुए भेदभाव करने, घटिया सामग्री के प्रयोग, चहेते ठेकेदारों को ठेके आवंटित करने आदि आरोप लगाए। कांग्रेसी पार्षद योगेश ठाकुर, पन्ना लाल भाटिया, जुगल किशोर, विजय कुमार व रेखा देवी ने मेयर के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस पर भाजपा पार्षदों ने भी एकजुट होकर कांग्रेस को घेरा और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसके बाद कांग्रेसी पार्षद मीटिंग छोड़कर चले गए। मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा कि कांग्रेसी पार्षदों के आरोप निराधार हैं।
इसके बाद कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए। इन पर सर्वसम्मति से सदन ने मुहर लगा दी। प्रस्तावों में काउ सेस, नए वाहन खरीदने, कर्मचारी भर्ती करने, रेन हार्वेस्टिंग को लागू करना आदि शामिल रहे। आम आदमी पार्टी के वार्ड नं 36 पार्षद रोहित स्याल ने नगर निगम पर गैरभाजपा पार्षदों के वार्डों में भेदभाव के आरोप लगाया।
इस पर डिप्टी मेयर वीना परमार ने बिना तर्कों के आरोप न लगाने को कहा। वार्ड नं 39 के भाजपा पार्षद गणेश कुमार ने कांग्रेसियों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया। इस पर मेयर अनिल वासुदेवा व भाजपा जिला प्रधान अनिल रामपाल ने क्षमा मांगी।