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जीएनडी अस्पताल में पहुंचे दो ट्रांसफार्मर, कांपेक्ट सब स्टेशन बनाने का काम शुरू

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अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल का दौरा कर नए ट्रांसफार्मर को अस्पताल प्रशासन के हवाले करते बिजल? - फोटो : AMRITSAR
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अमृतसर। अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में रविवार को सुबह ही पटियाला से दो बड़े नए ट्रांसफार्मर पहुंच गए। करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में फैले इस मेडिकल कालेज और अस्पताल को अगले एक दो दिन में बिजली की आपूर्ति कांपेक्ट सब स्टेशन से शुरू हो जाएगी। कालेज में कांपेक्ट सब स्टेशन बनाए जाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है और नए सब स्टेशन का काम शुरू हो चुका है। पंजाब के ऊर्जा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने रविवार को सरकारी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल दफ्तर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लिया। इस दौरान उनके साथ कालेज के प्रिंसिपल डा. राजीव देवगन और बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) विकास गुप्ता भी मौजूद थे।
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ऊर्जा मंत्री ईटीओ ने बताया कि शनिवार को दोपहर को ट्रांसफार्मर में आग लगने से अस्पताल में बिजली बाधित हो गई थी, जिसे चालू तो कर दिया, मगर आपूर्ति काम चलाऊ ही थी। इसे देखते हुए उन्होंने शनिवार को रात मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुरु नानक देव अस्पताल में कांपेक्ट सब स्टेशन बनाने का आग्रह किया तो उन्होंने तुरंत पटियाला से 500-500 किलोवाट के दो ड्राई ट्रांसफार्मर अमृतसर के लिए रवाना कर दिए, जो रविवार को सुबह करीब 7 बजे अस्पताल में पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि यह पंजाब का बड़ा अस्पताल है और यहां रोजाना डाक्टरों, स्टाफ नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ सहित दाखिल मरीजों की संख्या 10 से 12 हजार के करीब होती है। यहां 1000 से 1200 के करीब नए डाक्टर शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसलिए अस्पताल में 500-500 किलोवाट के दो नए कांपेक्ट सब स्टेशन बनाए जाने पर काम शुरू हो चुका है। यह अस्पताल की बिल्डिंग से दूर लगाए जाएंगे। अगले 1-2 दिनों में इनके जरिये बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस ट्रांसफार्मर में आग लगी वह 70 के दशक का था। अभी तक आग लगने में किसी की लापरवाही सामने नहीं आई है। ट्रांसफार्मर में आग लगने का फिलहाल कारण उसका पुराना होना और उसमें से तेल की लीकेज होना सामने आया है।
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