अमृतसर में दो दर्जन से अधिक पंथक संगठनों की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब से गुरुद्वारा अंब साहिब मोहाली तक शुरू किए गए बंदी छोड़ पंथक मार्च के दौरान उस समय तनाव पैदा हो गया, जब मार्च में शामिल श्रद्धालुओं को सौ फुट रोड पर पुलिस ने रोक लिया।
पुलिस के साथ श्रद्धालुओं की मार्च रोकने को लेकर हुई हाथापाई के दौरान इस मार्च के नेतृत्व में चल रहे पांच प्यारों में से एक मनप्रीत सिंह की पगड़ी उतर गई।
हरमंदिर साहिब के करीब 50 गज की दूरी पर ही इस मार्च को पुलिस ने करीब दो घंटे तक रोके रखा।
मार्च को तब जाने की इजाजत दी गई जब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह और अकाली दल पंच प्रधानी के कार्यवाहक अध्यक्ष हरपाल सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने मौके पर पहुंच कर पुलिस को आश्वासन दिया कि मार्च में शामिल लोग शांति बनाए रखेंगे।
श्री अकाल तख्त साहिब से जब मार्च रवाना हुआ तो अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के रास्ते से बाहर अपनी गाड़ियों तक पहुंच रहे संत बलजीत सिंह दादूवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद दोपहर दादूवाल को पुलिस ने लोपोके थाना में ले जाकर रिहा कर दिया।
यह मार्च सिख संगठनों की ओर से उन सिख युवाओं की रिहाई के लिए शुरू किया जो सिख युवा आतंकवाद के दौरान विभिन्न आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पकड़े गए थे।
वे अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं, परंतु इनको रिहा नहीं किया है। इसी मांग को लेकर चंडीगढ़ में गुरबख्श सिंह भी अनशन पर बैठे हैं।
सैकड़ों की संख्या में विभिन्न सिख संगठनों के कार्यकर्ता श्री अकाल तख्त साहिब पहुंच गए। वहां अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पांच प्यारों को सिरोपे दिए और हरमंदिर साहिब के अरदासिया कुलविंदर सिंह ने अरदास की।