छह करोड़ का कर्ज अदा न करने पर ओबीसी की ओर से एक शैलर की नीलामी के दौरान एक करोड़ सात लाख रुपये की ठगी की गई। अमृतसर के व्यापारी मन्नू अग्रवाल की शिकायत पर सात माह बाद एसपी (आई) जगजीत सिंह वालिया की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सिटी में ओबीसी के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल तीनों अफसर फरार हैं।
रंजीत एवेन्यू अमृतसर स्थित ए-ब्लॉक निवासी मन्नू अग्रवाल ने बताया कि जंडियाला रोड स्थित दशमेश राइस मिल के मालिक ने 2011 में छह करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसके लिए उनकी 18 कनाल, 13 मरले जमीन ओबीसी बैंक की ओर से गिरवी रख ली गई। कर्ज लेने वाली पार्टी ने समय पर कर्ज अदा नहीं किया। बैंक ने अपनी राशि की भरपाई के लिए दशमेश राइस मिल की जमीन की नीलामी 2018 में रख दी। इस दौरान बैंक ने 3.42 करोड़ में नीलामी करने की घोषणा की। मन्नू अग्रवाल ने बताया कि उसने तीन करोड़, 43 लाख में बोली लेकर उक्त राइस मिल खरीदने का सौदा कर लिया। मौके पर चार अगस्त 2018 को एडवांस के तौर पर एक करोड़, सात लाख की राशि बैंक को जमा करवा दी गई। रजिस्ट्री करवाने लिए एक माह का समय तय किया गया। इसके बाद बैंक की ओर से जारी ऑफर लेटर देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। ऑफर लेटर वाले कागजात व स्थानीय माल विभाग के रिकॉर्ड से प्राप्त दस्तावेज में फर्क था। दोनों की जमाबंदी के नंबर में अंतर था। पेशगी के तौर पर जमा करवाई एक करोड़, सात लाख की राशि वापस लेने के लिए ओबीसी अमृतसर स्थित कलस्टर हेड विपन अग्रवाल, एजीएम नवीन आहलूवालिया, डीजेएम ब्रजेश कुमार से कई बार बात की। कोई न्याय नहीं मिला। इसके चलते पांच नवंबर 2019 को एसएसपी को शिकायत दी गई। इसकी जांच एसपी (आई) जगजीत सिंह वालिया ने की। जांच रिपोर्ट में बैंक के तीनों अधिकारी आरोपी पाए गए। एसपी वालिया की जांच रिपोर्ट पर पुलिस विभाग ने डीए लीगल की राय पर उक्त बैंक अधिकारियों के खिलाफ धारा 420, 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया।
डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल ने बताया कि मन्नू अग्रवाल की शिकायत पर उच्चस्तरीय जांच के बाद थाना सिटी में आरोपी बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी लिए एएसआई सतनाम सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए बाकायदा कानूनी प्रक्रिया मुकम्मल की जाएगी।
मन्नू अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बैंक ने उनके साथ पहले धोखाधड़ी की फिर उसी पार्टी को आधी कीमत पर राइस मिल अलॉट कर दी। उसको बैंक ने कर्ज की रकम अदा न करने पर डिफाल्टर घोषित किया था। उन्होंने एसएसपी ध्रुव दहिया से गुहार लगाई कि आरोपियों को जल्द काबू कर उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।