श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दुनिया भर में स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के वृद्ध पावन स्वरूपों के अंतिम संस्कार के पवित्र स्थल ‘अंगीठा साहिब’ पर पाबंदी लगा दी है। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद अब वृद्ध पावन स्वरूपों का अंतिम संस्कार नहीं कर सकेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को आदेश दिया है कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के खुशहालपुर में स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी अंगीठा साहिब, नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा माई भागो व मध्यप्रदेश के भोपाल के अंगीठा साहिब में हुए ऐसे मामलों की जांच करवाकर उसकी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब को भेजी जाए।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दुनिया भर के अंगीठा साहिब पर पाबंदी लगा कर सतिकार कमेटी व सिख संगठनों की एक मांग स्वीकार कर ली है। गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में हुए अग्निकांड के दौरान जले पावन स्वरूपों का अंतिम संस्कार गोइंदवाल स्थित अंगीठा साहिब में किया गया था। इस अंगीठा साहिब में कितने पावन स्वरूपों का अंतिम संस्कार किया गया, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। सिख संगठनों को आशंका है कि अंगीठा साहिब में पावन स्वरूपों के अंतिम संस्कार के नाम पर भी एसजीपीसी गलत जानकारी दे रही है।