अमृतसर। कमिश्नरेट पुलिस ने शहर के एक कारोबारी से फिरौती मांगने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। सीआईए स्टाफ की टीम ने सूचना के बाद हरकत में आते हुए उसे काबू किया। पुलिस इस मामले में 29 दिसंबर को पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने दी।
सीपी डॉ. गिल ने बताया कि 28 दिसंबर को शिकायतकर्ता कारोबारी राजीव सभ्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह बसंत एवेन्यू 49 - बी का रहने वाला है। उनकी मकबूलपुरा में एल्यूमिनियम की फैक्टरी है, जिसे उनका बेटा रोहित सभ्रवाल चलाता है। 28 दिसंबर को किसी काम के सिलसिले में चंडीगढ़ गया था तो रास्ते में उसे 5 करोड़ रुपये फिरौती के लिए फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह अमृतसर पहुंच रहा है और कहां और कैसे फिरौती की राशि देनी है, वह बाद में बताएगा। इस दौरान वह लगातार कई बार फिरौती के लिए फोन करता रहा।
वहीं सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह रंधावा ने मामले के मास्टरमाइंड की पहचान अमृतसर के न्यू बाबा बुड्डा एवेन्यू स्थित डायमंड कालोनी के मनिंदरपाल सिंह उर्फ डिंपल के रूप में बताई। जांच अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी मास्टर माइंड डिंपल ने बताया कि उनके पिता तरसेम सिंह, रोशन लाल सभ्रवाल की मकबूलपुरा स्थित फैक्टरी में बतौर मैनेजर काम करते थे। कुछ समय पहले रोहित सभ्रवाल ने उसके पिता को बेइज्जत कर नौकरी से निकाल दिया। उसे पता था कि सभ्रवाल परिवार के पास बहुत पैसा है तो उसने चरणजीत सिंह उर्फ चन्न और गजिंदरजीत सिंह उर्फ राजबीर सिंह के साथ मिल रोहित सभ्रवाल से 5 करोड़ रुपये फिरौती लेने की योजना बनाई।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह रंधावा ने बताया कि इससे पहले 29 दिसंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन आरोपियों की पहचान एसएएस नगर मोहाली जिला के शिमला होम खरड़ के चरणजीत सिंह उर्फ चन्न और अमृतसर के लोहारका इस्टेट के गजिंदरजीत सिंह उर्फ राजबीर के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि पिछले माह गिरफ्तार किए गए उक्त दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद फिरौती मांगने के मामले के मास्टरमाइंड मनिंदरपाल सिंह की पहचान हुई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए सीआईए की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।