अमृतसर। केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानूनों के मुद्दे पर बातचीत के लिए प्रदेश के किसान संगठनों को दिए गए न्योते को किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी ने ठुकरा दिया है। कमेटी के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू व महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने इसे केंद्र सरकार की किसान संगठनों के बीच फूट डालने की कोशिश बताया है। इससे पहले भी कमेटी ने दो बार केंद्र सरकार का न्योता अस्वीकार कर दिया था। बता दें कि केंद्र सरकार ने किसान संगठनों से बातचीत के लिए 13 नवंबर को बैठक बुलाई है।
मीडिया से बातचीत में पंधेर ने कहा कि बुधवार को देर रात कोर कमेटी की हुई बैठक में केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाई बैठक में शामिल न होने का फैसला किया गया है। पंधेर के अनुसार जब तक केंद्र सरकार पंजाब की बंद की गई आर्थिक नाकेबंदी को नहीं हटाती तब तक उनका संगठन केंद्र सरकार की किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगा। किसानों के साथ बैठक से पहले केंद्र सरकार बेहतर माहौल बनाए। इस बैठक में केंद्र सरकार को देश के सभी किसान संगठनों को शामिल होना का न्योता देना चाहिए था। उन्होंने केंद्र सरकार किसान संगठनों के बीच फूट डालने का प्रयास कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों एक साथ बैठक करनी चाहिए।