संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर। पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने वीरवार को पंजाब में बाढ़ की स्थिति पर ढिलाई बरतने के लिए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की। बजावा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को ट्वीट किया कि बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और वह हिमाचल सरकार और बीबीएमबी अधिकारियों के संपर्क में हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर हालात काफी गंभीर है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाजवा ने कहा कि पौंग बांध से छोड़े अतिरिक्त पानी के कारण होशियारपुर के मुकेरियां और दसूहा उपमंडलों और गुरदासपुर के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ प्रभावितों के मुताबिक बाढ़ से हुई क्षति 1988 की तुलना में काफी अधिक है। अधिकारियों को डर है कि एक दिन में सबसे खराब स्थिति हो सकती है, क्योंकि हिमाचल में भारी बारिश की आशंका है।
हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है, सैकड़ों डेयरी मवेशी बाढ़ में डूब गए हैं और लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अब जिम्मेदारी पंजाब के मुख्यमंत्री की है। उन्हें बताना चाहिए कि क्या बाढ़ की चेतावनी पहले ही जारी कर दी गई थी। यदि चेतावनी जारी की गई थी तो आप सरकार कार्रवाई करने में विफल क्यों रही? बाजवा ने कहा कि राज्य सरकार को सावधानी बरतते हुए उचित इंतजाम करने चाहिए थे।
कादियां विधायक बाजवा ने काहनूवान के निकट बेट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगों की मुश्किलें सुनी।
बाजवा ने कहा कि अब समय आ गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री जो उपदेश दे रहे हैं उस पर अमल करें. उन्हें पहले की तरह गिरदावरी रिपोर्ट का इंतजार किए बिना तुरंत राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्हें सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दावे करने से बचना चाहिए और तुरंत मुआवजा देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आप सरकार को उन किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ की राहत देने की घोषणा करनी चाहिए जिनकी फसलें खराब हो गई हैं। जिन मजदूर वर्ग और अन्य परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें कम से कम 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस प्राकृतिक आपदा में जिनके मवेशी मरे हैं, उनके मालिक को 50 हजार रुपये भी दिए जाएं। बाजवा ने कहा कि मृतकों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए.