करीब पांच वर्ष पूर्व कथित रूप में जहर देकर मारी गई बेटी को इंसाफ न मिलने से आहत बुजुर्ग दंपति ने शनिवार की सुबह जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। दंपती की पहचान रजिंदर कुमार और उसकी पत्नी आशा के तौर पर हुई है। थाना मोहकमपुरा के सुंदर नगर स्थित अपने घर में खुदकुशी करने वाले दंपती ने सुसाइड नोट में अपने दामाद नितिन दत्ता सहित उसके परिजनों व मोहकमपुरा पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
सुसाइड नोट में राजिंदर कुमार ने लिखा है की उनकी बेटी सारिका की शादी अगस्त 2011 में नितिन दत्ता के साथ हुई थी। नितिन दत्ता के दूसरी महिलाओं के साथ संबंध थे। बेटी इसका विरोध करती थी। इस पर बेटी को दामाद व उसके पारिवारिक सदस्यों ने 2015 में जहर देकर मार दिया था।
मोहकमपुरा पुलिस ने बेटी की हत्या के आरोप में उसके ससुर को गिरफ्तार कर लिया और उसके पति व अन्य पारिवारिक सदस्यों पर केस नहीं दर्ज किया। मोहकमपुरा पुलिस की लापरवाही से अदालत में केस की ठीक ढंग से पैरवी नहीं हुई। बेटी का ससुर साढ़े तीन वर्ष पहले अदालत से बरी हो गया।
वह अपनी बेटी को इंसाफ नहीं दिला पाया। यह पीड़ा उसको व पत्नी को भीतर तक झकझोरती रहती है। वह दोनों अपनी बेटी के बिना नहीं रह सकते। वह अपनी पत्नी के साथ जीवनलीला समाप्त कर रहा है। उनकी मौत की जिम्मेदार मोहकमपुरा पुलिस व दामाद, उसका भाई व उसकी पत्नी है। दंपती के बेटे ने मीडिया के कहा कि जब उसके माता-पिता इंसाफ के लिए मोहकमपुरा पुलिस स्टेशन पर जाते तो पुलिस कर्मचारी उन्हें ही परेशान करना शुरू कर देते थे, जिससे वह बहुत दुखी थे। दंपती के बेटे ने बताया की जीजा ने उसकी बहन को जहरीली पदार्थ खिलाकर मारा था। पुलिस ने उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
क्या करते हैं जांच अधिकारी
मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने बताया की राजिंदर कुमार की ओर से लिखा सुसाइड नोट पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट के आधार पर दामाद व अन्य परिजनों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद सुसाइड नोट में जितने भी नाम लिखे गए हैं, सभी पर कार्रवाई की जाएगी। जब उनसे पूछा गया की दंपती ने मोहकमपुरा की पुलिस पर भी आरोप लगाया है तो जांच अधिकारी ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया गया है।