पश्चिम एशिया में इस्राइल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते पंजाब के पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और बीएसएफ ने सीमांत इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। रात्रि गश्त और नाकाबंदी की जा रही है।
सीमा से लगे अमृतसर, तरनतारन, गुरदसपुर, पठानकोट में देर रात तक पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीमें गांव-गांव सर्च अभियान चला रही हैं। आशंका है कि मध्य-पूर्व में तनाव की आड़ में पाकिस्तान से हथियार व नशा तस्करी के घटनाएं बढ़ सकती हैं। संदिग्ध गतिविधियों, ड्रोन मूवमेंट और तस्करी की आशंका को देखते हुए खेतों, पगडंडियों और संवेदनशील ठिकानों की गहन तलाशी ली जा रही है।
सीमांत जिलों की सुरक्षा के लिए तैनान अधिकारियों ने बताया कि सीमांत चौकियों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। नाइट विजन उपकरणों के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ ने सीमा पर फ्लडलाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। पुलिस ने भी सीमावर्ती थानों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है।
सीमांत एरिया में दोबारा शुरू की गई रात्रि नाकाबंदी के दौरान आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पहचान पत्रों की जांच, संदिग्धों से पूछताछ और रिकॉर्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सख्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
पिछले समय में सीमा पार से ड्रोन के जरिये हथियार और नशीले पदार्थ गिराने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्क हैं। बीएसएफ की एंटी-ड्रोन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। सीमांत गांवों के सरपंचों और चौकीदारों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से दूर रहें।
स्पष्ट है कि ईरान-अमेरिका युद्ध की पृष्ठभूमि में पंजाब की सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। सीमांत इलाकों में बढ़ी हलचल यह संकेत दे रही है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में अब चौकसी पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है।