लोगों का कहना है कि पशु प्रेम अपनी जगह है, लेकिन इंसानों और खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाते हुए खूंखार आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए ठोस अभियान चलाना चाहिए।
फिरोजपुर छावनी क्षेत्र में गली में खेल रहे दो साल के मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार, कुत्तों ने बच्चे को नोचकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घायल बच्चे को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
विज्ञापन
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। लोगों का आरोप है कि शहर और छावनी क्षेत्र में लंबे समय से आवारा एवं खूंखार कुत्तों की समस्या बनी हुई है, लेकिन इन्हें पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
वहीं कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब उनकी टीमें आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंचती हैं तो कुछ लोग विरोध करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार महिलाओं को आगे कर टीमों पर दबाव बनाया जाता है और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत या केस दर्ज करवाने की धमकी तक दी जाती है। ऐसे में प्रशासन के सामने कार्रवाई करना चुनौती बन जाता है।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि पशु प्रेम अपनी जगह है, लेकिन इंसानों और खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। लोगों का कहना है कि इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाते हुए खूंखार आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए ठोस अभियान चलाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी मासूम के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।