धरने पर बैठे सुधीर सूरी (सफेद घेरे में)
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शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या के तार कट्टरपंथियों से जुड़ रहे हैं। हत्या से पहले और हत्या के बाद भी सूरी के परिजनों को धमकी भरे फोन आ रहे हैं। वहीं हत्याकांड की जांच के लिए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी सक्रिय हो गई है। शनिवार को एनआईए के अधिकारी अमृतसर पहुंचे और घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की।
सूरी के अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े परिजनों की मांग जिला प्रशासन ने स्वीकार कर ली है। सूरी के घर पहुंचे डीसी सूदन और अमृतसर पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह कहा कि यदि इस मामले में अमृतपाल सिंह का कनेक्शन मिलता है तो एफआईआर में उसका नाम भी जोड़ा जाएगा। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं मुख्य आरोपी संदीप सैंडी को पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे सात दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है।
डॉक्टरों के बोर्ड ने सूरी के शव का पोस्टमार्टम किया। उनके शरीर से तीन गोलियां मिली हैं। दो गोलियां सीने और एक पेट से मिली है, जबकि एक गोली कंधे से छूकर गुजर गई। हत्या के अगले ही दिन कनाडा के आतंकी खालिस्तानी समर्थक लखबीर सिंह लंडा और संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सुधीर सूरी की दिनदहाड़े हत्या की जिम्मेदारी ली है। उसने सोशल मीडिया पोस्ट में जिम्मेदारी का दावा किया। लंडा के नाम से बने फेसबुक पेज से एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है- आज जो अमृतसर में सुधीर सूरी का कत्ल हुआ है, वो हमारे भाईयों ने किया है और बाकी भी जो कौम के बारे और किसी धर्म के बारे बुरा बोलते हैं वो भी तैयार रहें। बारी सबकी आएगी। सुरक्षा लेकर यह न समझें कि बच जाएंगे, जो भी भाई आज तक हमारे साथ खड़े हैं हम उनके साथ चलेंगे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं। मांगें पूरी होने के बाद परिवार ने रविवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया है। इससे पहले पीड़ित परिवार ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शिवाला फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर जाम लगाया था।
परिवार को न्याय जरूर दिलाएंगे: मुख्यमंत्री
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भरोसा दिलाया है कि सूरी के परिवार को न्याय जरूर दिलाया जाएगा। शनिवार को गुजरात में पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए आयोजित रैली में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री मान से जब पत्रकारों ने शिवसेना नेता की हत्या के बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हत्या से पहले आरोपी ने संपत्ति अपने भाई के नाम कर दी थी
सुधीर सूरी की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत हुई है। हत्या के आरोपी सैंडी ने एक महीने पहले संपत्ति अपने भाई के नाम कर दी और खुद को परिवार से बेदखल करवा दिया था, ताकि वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस उसके परिवार को परेशान न करे। इसके साथ ही उसके पास से 52 कागज मिले हैं, जिनकी छानबीन से पता चला है कि आरोपी ने पूरी तैयारी के साथ हत्या को अंजाम दिया है।