एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने संस्था की ओर से संचालित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को गुरमति से जोड़ने के लिए रीफ्रेशर कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। इस घोषणा को लागू करने के लिए एसजीपीसी द्वारा संचालित सभी स्कूल-कॉलेजों को बीबी जागीर कौर के आदेश पर शिक्षा विभाग के निदेशक ने एक पत्र जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि एसजीपीसी की ओर से संचालित सभी गुरुद्वारा साहिबान में कर्मचारियों को गुरमति ज्ञान देने के लिए 15 दिवसीय रीफ्रेशर कोर्स करवाया गया है। इस कड़ी में अब शिक्षण संस्थानों के भीतर भी इस तरह के कोर्स शुरू किए जाएंगे। पत्रकारों से बात करते हुए बीबी जागीर ने बताया कि एसजीपीसी के शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य सिख धर्म का प्रचार-पसार करना भी है।
इसके तहत शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों व विद्यार्थियों को गुरमति सिखलाई देने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही स्कूलों में धार्मिक कक्षाएं भी चालू रहेंगी। जिन शिक्षण संस्थानों के भीतर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश है, वहां के ग्रंथी व सेवादार के अलावा संस्था के सभी कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए गए है की सुबह का हुक्मनामा लिखने के लिए एक स्थान निर्धारित किया जाए। गुरुद्वारा साहिबान में सुबह-शाम की मर्यादा के समय अधिक से अधिक कर्मचारी शामिल हों।
‘एसजीपीसी विद्यार्थियों को करवाएगी एतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन’
बीबी जागीर कौर ने बताया कि जिन स्कूल-कॉलेजों के नाम गुरु साहिबान या अन्य सिख शख्सियतों के नाम रखे गए हैं उन स्कूलों में उनके इतिहास के बारे में जानकारी दी जाए। इतिहास से जुड़ी तस्वीरें स्थापित की जाएं। एसजीपीसी जल्द ही शिक्षण संस्थानों में ऐतिहासिक दिवस मनाने व विद्यार्थियों को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करवाने का प्रबंध करेगी।
सिख इतिहास से जुड़ी गतिविधियां जैसे गुरुवाणी कंठ मुकाबले, दस्तार मुकाबले, इतिहास पेंटिंग मुकाबले, कविश्री मुकाबले, सिख पहरावे के मुकाबले व सिख मार्शल आर्ट के मुकाबले शिक्षण संस्थानों में शुरू करवाए जाएंगे।