शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से चार दिसंबर को अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने के आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को पंथ से निष्कासित करने की अपील की है। एसजीपीसी कार्यकारिणी की सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुखबीर बादल पर हमला करने के लिए निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि बाद दोपहर एसजीपीसी के 15 में से 13 कार्यकारिणी सदस्यों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से मुलाकात की और इस दौरान जत्थेदार को इस मुद्दे पर ज्ञापन भी सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से चौड़ा द्वारा पिस्टल से सुखबीर को गोली मारने के प्रयास के तहत सिखों के पावन स्थल के शांतिमय व रुहानी वातावरण को भंग करने की निंदा की गई है। ज्ञापन में आतंकी चौड़ा को पंथ से निष्कासित करने की अपील की गई है।
धामी ने कहा कि सुखबीर पर हमला एक गहरी साजिश है। इसकी निष्पक्ष जांच के लिए जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी में सीनियर उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, महासचिव शेर सिंह मंडवाला, कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य हरप्रीत सिंह रोडे, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह को शामिल किया गया है। एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह को कमेटी का कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। इस जांच कमेटी को तीन सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट देने की हिदायत दी गई है।
धामी ने राज्य सरकार से आरोपी चौड़ा के अलावा, इस साजिश में शामिल अन्य पंथ विरोधी ताकतों को बेनकाब करने और सुरक्षा खामियों का खुलासा करने और पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच करने की भी मांग की गई है।