संगरूर। रोजगार की मांग को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री कोठी के सामने बेरोजगारों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य सड़क पर धरना लगा दिया।
बेरोजगार सांझा मोर्चा के नेतृत्व में राज्यभर से पहुंचे युवाओं ने पहले वेरका मिल्क प्लांट के नजदीक इकट्ठा होकर रोष मार्च निकाला और सीएम कोठी की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया जिससे धक्का-मुक्की हुई। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्य कोठी तक प्रवेश से रोक दिया।
मोर्चा के नेता सुखविंदर सिंह ढिलवां ने कहा कि पंजाब सरकार ने भर्ती कैलेंडर लागू करने और आयु सीमा में छूट देने का वादा किया था लेकिन पिछले करीब पौने चार साल में शिक्षा विभाग में एनटीटी, ईटीटी, मास्टर केडर, लेक्चरर और सहायक प्रोफेसर की कोई भर्ती नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग में केवल मामूली पदों की भर्ती हुई है। उन्होंने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए और आयु सीमा में छूट दी जाए।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में दोबारा करेंगे घेराव
प्रदर्शनकारियों को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया। बेरोजगारों ने चेतावनी दी कि यदि 10 और 15 दिसंबर की निर्धारित बैठकों में समाधान नहीं हुआ तो वे दिसंबर के अंतिम सप्ताह में दोबारा मुख्यमंत्री कोठी का घेराव करेंगे। इस दौरान अमन सेखा, संदीप मोफर, गुरप्रीत सिंह, निर्मल सिंह, गुरिंदर सिंह, हरविंदर सिंह, अमनदीप कौर, राजवीर कौर, सिंदरपाल कौर और संदीप कौर भी मौजूद थे।