सीमांत गांवों में आठ दिन बाद खुले स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर/हुसैनीवाला बाॅर्डर/ममदोट। भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम के आठ दिन बाद सीमावर्ती गांवों व शहरी क्षेत्र के स्कूल खुले हैं। सीमांत गांवों के स्कूलों में लगभग दस फीसदी बच्चे स्कूलों में पढ़ने के लिए पहुंचे हैं।
फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे गांव भाने वाला में बुधवार सरकारी स्कूल भी खुल गए हैं लेकिन स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम बताई जा रही है। गांव भाने वाला स्थित सरकारी स्कूल में लगभग 10 फीसदी बच्चे पहुंचे हैं। यही हाल सरहदी गांव के बाकी स्कूलों का भी है क्योंकि बहुत से परिवार भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर अपने बच्चों और कीमती सामान के साथ सुरक्षित जगहों पर अपने रिश्तेदारों के पास गए हुए हैं। युद्ध विराम के बाद भी अभी वह लोग अपने घरों में नहीं लाैटे, क्योंकि उनका कहना है कि जब तक पूर्ण तौर पर युद्ध विराम नहीं होता, तब तक वे घर नहीं लौटेंगे।
उधर, सरहद से सटे ममदोट में आठ दिन बाद स्कूल खुलने पर बच्चे स्कूल के मैदान में खेलते हुए दिखाई दिए। बच्चों का कहना है कि जैसे ही उन्हें स्कूल खुलने की सूचना मिली वह सुबह स्कूल पहुंच गए। स्कूल में आकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। टीचरों का कहना है कि वह बच्चों का सिलेबस समय के मुताबिक ही पूरा करेंगे और बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है, उनके टेस्ट भी नजदीक हैं जो लिए जाएंगे।