सरबत खालसा द्वारा मनोनीत श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक समानांतर जत्थेदार ज्ञानी ध्यान सिंह मंड ने एसजीपीसी सहित सभी सिख संस्थाओं को आदेश जारी किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाएं। प्रधानमंत्री ने अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि श्री गुरु गोबिंद सिंह ने गोबिंद रामायण की रचना की थी। ज्ञानी मंड ने कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर बैठक कर प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए कहा था। प्रधानमंत्री का कोई भी स्पष्टीकरण न आने के बाद भाई मंड ने वीरवार को यह आदेश दिया।
भाई मंड ने प्रधानमंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज करवाने के लिए संगत को लामबंद करने के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया। इस कमेटी में अलगाववादी समर्थक नेताओं जरनैल सिंह सखीरा, हरबीर सिंह संधू और परमिंदर सिंह बालियांवाली को शामिल किया गया। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह को प्रधानमंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज करने के लिए एक शिकायत पत्र सौंपा। एसएचओ के अनुसार उन्होंने शिकायत पत्र ले लिया है। इस बारे में वह सीनियर अधिकारियों से बातचीत करेंगे। हालांकि एसजीपीसी समानांतर जत्थेदारों को मान्यता नहीं देती। एसजीपीसी उनके फरमान को मानने के लिए बाध्य नहीं है।