जानकारी के अनुसार, इससे पहले पाकिस्तान की एक अदालत ने सिख जत्थे से अलग होकर विवाह करने वाली महिला को भारत भेजने के आदेश दिए थे। अदालती आदेशों के बाद पाकिस्तानी पुलिस ने सरबजीत कौर को तलाश कर सोमवार को वाघा बॉर्डर पहुंचाया। वहां इमीग्रेशन और कस्टम से जुड़ी औपचारिकताएं भी लगभग पूरी कर ली गई थीं और अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय मार्ग से उसे भारत भेजा जाना था।
अटारी सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) अटारी का इमीग्रेशन व कस्टम स्टाफ भी महिला को रिसीव करने के लिए तैयार था। इसी दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से उसकी भारत वापसी पर रोक के निर्देश जारी कर दिए गए।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय का तर्क है कि महिला ने अपनी इच्छा से निकाह किया है और इससे जुड़ा मामला अभी अदालत में लंबित है। मंत्रालय का कहना है कि अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को भारत भेजने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सरबजीत कौर की भारत वापसी अनिश्चितकाल के लिए टल गई।