फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अकाल तख्त के सचिवालय पहुंची रूप कौर संधू: महिला उत्पीड़न के आरोपों पर कार्रवाई की मांग, निष्पक्ष जांच की अपील

Fri, 09 Oct 2026 03:45 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर

सार

रूप कौर संधू ने कहा कि पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनकी पहचान या डिजिटल सबूत सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है।
विज्ञापन
अकाल तख्त साहिब पहुंची रूप काैर संधू - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व अकाली नेता रूप कौर संधू ने महिला उत्पीड़न से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जत्थेदार साहिब के सचिवालय में मांगपत्र सौंपकर मामले में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष जांच करवाने की अपील की।
विज्ञापन


रूप कौर संधू ने बताया कि उन्होंने अपना आवेदन और मांगपत्र विधिवत जमा करवा दिया है। इसकी प्राप्ति रसीद भी उन्हें मिल गई है। जत्थेदार साहिब से फोन पर बातचीत भी हुई है। उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात के लिए जल्द समय देने का भरोसा दिया है। संधू के मुताबिक, जत्थेदार साहिब की मौजूदगी में पीड़ित महिलाओं को उनके सामने पेश किया जाएगा, ताकि वे अपने बयान और संबंधित सबूत सीधे सौंप सकें।

विज्ञापन


रूप कौर संधू ने कहा कि मामले में अश्लीलता, परेशान करने और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ऐसे में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनकी पहचान या डिजिटल सबूत सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पीड़ित महिलाओं को डराने-धमकाने और मीडिया व प्रशासन के सामने अपनी बात रखने से रोकने की शिकायतें हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही संबंधित सबूत अधिकारियों के सामने रखे जाएंगे।

उन्होंने बताया कि मांगपत्र में करीब चार से पांच प्रमुख पंथक और अकाली नेताओं के नाम, उनके पदों तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का विवरण शामिल है। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विज्ञापन


मामले में एआई से वीडियो बनाए जाने या वीडियो फर्जी होने संबंधी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संधू ने फॉरेंसिक जांच की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित सामग्री की तकनीकी जांच से उसकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है। मामले में निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें बिना किसी दबाव के अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें