एससी/बीएस मुलाजिम और लोक एकता फ्रंट पंजाब के फैसले अनुसार गुरदासपुर में गुरु नानक पार्क में प्रधान परमिंदर सिंह की अध्यक्षता में बैठक करने के उपरांत रोष रैली निकाली गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर को मांग पत्र सौंपा गया।
इस मौके पर प्रधान परमिंदर सिंह ने कहा कि संगठन लंबे समय से विभिन्न चरणों में रोष रैलियां करके मुख्यमंत्री को करीब 50 मांग पत्र दे चुकी हैं, जिसके आधार पर 19 दिसंबर 2015 को मुख्यमंत्री के साथ संगठन की बैठक भी हुई थी।
इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और एडवोकेट जनरल की मौजूदगी में संगठन की मांगें मानने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक सरकार ने टालमटोल और दलित विरोधी नीति अपना कर एससी/बीसी मुलाजिमों और आम लोगों की संविधानिक और अधिकारिक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग पेंशनरों को कम से कम पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन देना, मिड डे मील वर्करों की पक्की नियुक्तियां करने उपरांत कम से कम 10 हजार प्रति माह वेतन देना, अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए बिना शर्त मुफ्त बिजली सप्लाई देना, बेरोजगार नौजवानों को कम से कम 4 हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देना आदि मांगे मनाने के लिए 13 जुलाई से 18 अगस्त तक पंजाब के विभिन्न जिलो में बैठक करने उपरांत डिप्टी कमिश्नरों को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम पर मांग पत्र दिया जाएगा।
13 अगस्त को संघर्ष के दूसरे चरण में चंडीगढ़ में विशाल रोष रैली करने के उपरांत मुख्यमंत्री पंजाब की कोठी का घेराव किया जाएगा।
इस मौके पर सुरजीत राज, राम गोपाल, राज कुमार, वस्सन सिंह, हरवंत सिंह, रमेश कुमार, प्रबोध कुमार, राज कुमार, कस्तूरी लाल, अजीत कुमार, राम लाल, केवल कृष्ण, कुलदीप राज, प्रेम कुमार, जगदीश बैंस, महिंदर पाल, सविंदर सिंह ने संबोधित किया।