पंजाब में मालगाड़ियों के आवागमन पर लगी रोक ने अमृतसर के उद्योग की कमर तोड़ दी है। अमृतसर के व्यापारियों का 2500 करोड़ का माल ड्राई पोर्ट पर पड़ा है। बीते 40 दिनों से फंसे माल के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पंजाब व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्यारा लाल सेठ ने बताया कि केंद्र सरकार अपना अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों की मांगों पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि माल को दूसरे स्टेशन पर न भेज पाने के कारण मजदूर वर्ग भी प्रभावित हो रहा है। आगामी एक दो दिन में मालगाड़ियां न चलीं तो पंजाब में बिजली संकट पैदा हो सकता है। इससे अमृतसर के उद्योग ठप हो जाएंगे।
सेठ ने बताया कि अमृतसर की टेक्सटाइल इंडस्ट्री का कपड़ा, धागा और अन्य कच्चा माल दूसरे राज्यों से आता है। पंजाब से चावल, ड्राई फ्रूट और अन्य खाद्य पदार्थ दूसरे राज्यों को भेजे जाते हैं। व्यापारियों का माल लुधियाना ड्राई पोर्ट में रुका हुआ है। माल की सप्लाई न होने के कारण आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं।
दूसरे राज्यों के व्यापारी माल न पहुंचने के कारण ऑर्डर रद्द कर रहे हैं। इससे सरकारी राजस्व को भी हानि होगी। सेठ के अनुसार, केंद्र सरकार सुरक्षा का हवाला देकर मालगाड़ियों के चलने पर पाबंदी नहीं लगा सकती। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की है। त्योहार के मौसम को देखते हुए मालगाड़ियों का आवागमन तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। उनके साथ समीर जैन और विवेक कुमार भी मौजूद रहे।