तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत गोहर द्वारा रागी सिंहों पर की गई विवादित टिप्पणियों पर विवाद छिड़ गया है। सचखंड के रागी सिंहों ने बुधवार सुबह आजाद नगर में स्थित एक गुरुद्वारा साहिब में इसके विरोध में एक बैठक की।
हजूरी रागी सिंह सभा के प्रवक्ता भाई गुरदेव सिंह कोहड़का ने कहा कि सचखंड के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह के बाद ज्ञानी रंजीत सिंह ऐसे दूसरे तख्त के जत्थेदार है जिन्होंने हजूरी रागी सिंहों के विरुद्ध विवादित टिप्पणियां कर उनकी धार्मिक पदवी को चोट पहुंचाने की कोशिश की है। इससे पहले ज्ञानी जगतार सिंह ने सचखंड में चल रहे कीर्तन को रोक कर रागी सिंहों का अपमान किया। उसके बाद कई बार रागी सिंहों को उलूल-जलूल बाणी का कीर्तन करने वाले कह कर अपमानित किया। रागी सिंहों का किसी भी तख्त साहिब के जत्थेदार या मुख्य ग्रंथी के साथ कोई विवाद नहीं है लेकिन यदि उनके विरुद्ध गैर मर्यादित टिप्पणियां की गई हैं, तो उनकी बातों को भी सुना जाना चाहिए। दोनों पक्षों की बैठक के बाद ही संगत को सच-झूठ का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि रागी सिंह जब अपनी बात को लेकर श्री अकाल तख्त पर गए थे तो रागी सिंह भाई शौकीन सिंह ने जत्थेदार के पैरों में अपनी दस्तार रख कर कहा था कि ऐसा व्यवहार न किया जाए।
पढ़ कर कीर्तन कहां लिखा है यह गुनाह है
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानी गोहर ने रागी सिंहों को कहा है कि यदि उनसे कीर्तन नहीं होता तो वह रिक्शा चलाएं। इस पर भाई शौकीन सिंह ने कहा कि रागी सिंह कई दशकों से कीर्तन कर रहे हैं, एक-एक रागी सिंह के कई-कई दर्जन कैसेट रिकॉर्ड हो चुके हैं। ज्ञानी गोहर का यह आरोप लगाना कि रागी सिंह पढ़कर कीर्तन करते हैं, आधारहीन है। वहीं यह कहीं नहीं लिखा हुआ कि रागी सिंह पढ़ कर कीर्तन नहीं कर सकते। उन्होंने ज्ञानी जगतार सिंह पर आरोप लगाया कि जब वह सचखंड में कीर्तन करते हैं, तब वह जांच करते हैं कि कहीं कीर्तन पढ़ कर तो नहीं किया जा रहा। कीर्तन के दौरान रागी सिंहों को प्रताड़ित किया जाता है। इस पूरे मामले पर रागी जत्थों ने चुप रहने का फैसला किया था लेकिन अब फैसला किया है कि सचखंड में उनकी ड्यूटी रहे या न रहे, वह संगत के सामने सच रखने में पीछे नहीं हटेंगे।
रागी सिंह कमजोर नहीं, लड़ाई अपनों के साथ है
भाई शौकीन सिंह ने कहा कि अब तो रागी सिंहों की नई पीढ़ी ने कहना शुरू कर दिया है वह कौन सा काम कर रहे हैं। रागी सिंहों को इस तरह जलील किया गया तो नई पीढ़ी कीर्तन करने से संकोच करेगी। वह कमजोर नहीं हैं लेकिन लड़ाई अपनों के साथ है। वह रागी सिंह की पदवी का सम्मान बनाए रखना चाहते हैं।
ज्ञानी गोहर सहित कई ग्रंथी पढ़ कर कथा करते हैं
भाई शौकीन सिंह ने कहा कि पंथ रतन ज्ञानी संत सिंह मस्कीन जब भी कथा करते थे, वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश अस्थान से दूर बैठ कर प्रवचन करते थे। अब सचखंड परिसर स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब में जितने भी कथा वाचक कथा करते हैं, जिसमें ज्ञानी जगतार सिंह भी शामिल हैं, वह गुरु साहिब के प्रकाश के अति निकट बैठे होते हैं। यह कथा वाचक पीड़ा साहिब के नीचे रखी पर्चियां देखकर कथा करते हैं। कई कथा वाचकों की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है, समय आने पर वह भी संगत के सामने रखी जाएंगी। ज्ञानी रंजीत सिंह गोहर गुरु साहिब के प्रकाश अस्थान से दूर बैठ कर कथा कर दिखाएं, सच सामने आ जाएगा।