शहर के सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। मंगलवार को बिजली गुल
होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को एक घंटे तक गर्मी में तड़पना पड़ा।
तीमारदारों
ने हथपंखी आदि से हवा कर मरीजों को गर्मी से राहत देने का प्रयास किया।
वहीं एसएमओ को कहना है कि सिर्फ दस मिनट के लिए बिजली गई थी।
इस
समय शहर का तापमान 40 डिग्री से पार हो रहा है। इस भीषण गर्मी में मंगलवार
की दोपहर करीब 12 बजे सिविल अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इससे मरीज और उनके
तीमारदार गर्मी से परेशान होने लगे। तीमारदारों ने हथपंखी लेकर, एक्सरे
फोल्डर व रुमाल से हवा कर गर्मी से राहत पाने की कोशिश की।
अस्पताल
के इमरजेंसी वार्ड, मेल वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड में मरीजों को काफी
परेशान होना पड़ा। इनमें कई हार्ट के मरीज थे और कई मरीज ज्यादा बीमार थे।
लाइट न होने से पूरे अस्पताल में पंखे तक नहीं चल पाए। करीब एक घंटे बाद
लाइट आई। इसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली।
मरीजों और उनके
तीमारदारों ने बताया कि लाइट चले जाने के बाद वह कई बार डॉक्टर के पास गए
और लाइट सुचारु करने को कहा। इसके बाद भी कुछ नहीं किया गया। मरीजों ने
सेहत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि वह अस्पताल की कार्यप्रणाली
में सुधार करवाएं
खास बात यह है कि अस्पताल में गर्मी से राहत
दिलाने के लिए सरकार की ओर से हाट लाइन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके
तहत यह निर्देश जारी हैं कि यहां 24 घंटे बिजली व्यवस्था सुचारु रहेगी।
विशेष रूप से इमरजेंसी वार्ड में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लेकिन इस
सुविधा को भी देने के लिए कर्मचारियों ने कुछ नहीं किया। अस्पताल में
जनरेटर की भी सुविधा उपलब्ध है।
इससे बाद भी जनरेटर भी नहीं चलाया
गया। उधर, एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्हाेंने कहा कि
मरीजों की प्रत्येक समस्या का हल मौके पर किया जाता है। उन्हाेंने कहा कि
बिजली केवल 10 मिनट ही गई थी। उन्होंने दावा किया जनरेटर चलवा दिया गया था।