पंजाब के अमृतसर नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। कांग्रेस पार्षद की तरफ से मेयर चुनाव को लेकर याचिका दायर की गई है। अब अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
अमृतसर नगर निगम में मेयर के चेयर पर आखिरकार अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से अपना पेंच फंसा दिया है। हाईकोर्ट की ओर से पार्षद विकास सोनी की रिट पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को तय की गई है। हाईकोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। ऐसे में सरकार को अब यह साबित करना होगा कि अमृतसर में मेयर बनाने के लिए उनके पास पूर्ण बहुमत था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हाईकोर्ट की ओर से मेयरशिप को खारिज किया जा सकता है।
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कांग्रेस के पार्षद व मेयर के दावेदार विकास सोनी ने कहा कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की ओर से बिना वोटिंग करवाए और बिना अपना बहुमत साबित किए धक्केशाही से शहर पर मेयर थोपा गया है। ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। लेकिन हाईकोर्ट पर पूरा विश्वास है और जीत सत्य की होगी। सोनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास बहुमत है और अगली सुनवाई के दौरान वह लोग साबित भी कर देंगे।
27 जनवरी को हुआ था मेयर का चुनाव
21 दिसंबर 2024 को निगम के चुनाव हुए थे। इस दौरान कांग्रेस के 41, आप के 24, अकाली दल के चार और भाजपा के नौ पार्षद जीते थे। इसके बाद एक महीने से ज्यादा समय तक जोड़-तोड़ चलता रहा और 27 जनवरी 2025 को मेयर के चुनाव के लिए मीटिंग रखी गई। मीटिंग के दौरान आप की ओर से सीधे ही अपना मेयर, डिप्टी मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर के नाम घोषित कर दिए थे। इसके बाद कांग्रेस की ओर से धरना दिया गया था और इसी दौरान विकास सोनी की ओर से हाईकोर्ट में रिट भी दायर की थी।