मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पूर्व मुख्यमंत्री तथा लोकसभा में
कांग्रेस के डिप्टी लीडर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तीखा हमला बोला है।
बादल
ने कहा कि शिअद-भाजपा गठजोड़ की लोक पक्षीय नीतियों और प्रोग्राम के कारण
कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह खत्म हो चुका है। अमरिंदर जन संपर्क कार्यक्रम
के बहाने लोगों को रिझाने के लिए हवा में तीर चला रहे हैं। जंडियाला गुरू
विधान सभा क्षेत्र में संगत दर्शन के पहले दिन पत्रकारों से बातचीत करते
हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से समीप का तालमेल पैदा करने वाला
वास्तविक जनसंपर्क कार्यक्रम संगत दर्शन ही है।
इसका आरंभिक
उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को उनके पास जाकर हल करना और उनमें राज्य
प्रशासन के कामकाज में भरोसे की भावना पैदा करना है। पिछले दो दिनों से
अमरिंदर जो भी कर रहे हैं उसका लोगों से कोई भी संबंध नहीं है। वह प्रताप
सिंह बाजवा तथा शिरोमणि अकाली दल -भाजपा गठजोड़ का विरोध ही कर रहे हैं,
जिसका सही मायनों में जनसंपर्क से कोई संबंध नहीं है। नशों से संबंधित एक
प्रश्न के उत्तर में बादल ने कहा कि पंजाब इस मुद्दे पर जबरदस्त ढंग से देश
की लड़ाई लड़ रहा है।
राज्य सरकार ने नशों में फंसे लोगों के उचित उपचार करा रही ताकि उनको नशे से बाहर निक़ालकर उनका पुनर्वास किया जा सके।
दूसरे् राज्यों से सिख कैदियों को पंजाब लाने को जायज ठहराते हुए सीएम ने
स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने ऐसा करके कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने
किसी भी कैदी को नही छोड़ा बल्कि कानून के घेरे में ही राज्य की जेलों में
ही उनको तबदील करवाया है। आरएसएस से संबंधित राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा भी
केंद्रीय मंत्रालय तक पहुंच करके देश की विभिन्न जेलों में बंद सभी सिख
कैदियों को मानवीय आधार पर रिहा करवाने के लिए पहुंच की है।
विशेष शिविर लगाएं डीसी
संगत
दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने डीसी को निर्देश दिया कि वे तुरंत मृत्यु
एवं जन्म के प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करें। इस
अवसर पर संासद रणजीत सिंह ब्रहमपुरा, जंडियाला गुरू के विधायक बलजीत सिंह
जलाल उस्मा आदि प्रमुख लोग भी मौजूद थे।