मेडिकल शिक्षा विभाग में ठेका प्रणाली के तहत काम करने वाली स्टाफ नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारियों ने शुक्रवार को आंदोलन को तेज कर दिया। अनशन को कर्मचारियों ने मरणव्रत में तबदील कर दिया है।
इसी वजह से कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी के कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठी कर्मचारी नेता कर्मजीत कौर औलख की हालत बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने कर्मजीत का बिस्तर जोशी के कार्यालय के बाहर सड़क पर रखकर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पुलिस ने तुरंत मौके पर एंबुलेंस बुलाई। कर्मजीत को काफी समय तक गुरु नानक देव अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में रखा गया। जब कर्मजीत की हालत में कुछ सुधार हुआ तो उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद कर्मजीत ने दोबारा बैठते हुए अनशन को मरण व्रत में तबदील कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की उपाध्यक्ष अमर दीप कौर सहोता और सतिंदर पाल सिंह ने बताया कि कांट्रैक्ट बेसिस नर्सिंग व पैरा मेडिकल एसोसिएशन के कर्मचारी ठेका प्रणाली के तहत अमृतसर, लुधियाना और फरीदकोट के अस्पतालों में मेडिकल शिक्षा विभाग के तहत काम कर रहे हैं।
25 फरवरी को संगठन की राज्य अध्यक्ष करमजीत कौर औलख अनशन पर पटियाला में बैठी हुई थी। वीरवार को पटियाला से अनशन कैंप अमृतसर में अनिल जोशी के कार्यालय के बाहर लगा दिया है। उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री की ओर से किए वादे के अनुसार तीन वर्षों का सेवा काल पूरा कर चुके कर्मचारियों को पक्का किया जाए। बाकी कर्मचारियों की भी सेवाएं रेगुलर की जाएं जिनके अभी तीन वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन ग्रेड दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें स्वीकार नहीं की गईं तो आंदोलन और उग्र कर दिया जाएगा।