जमीनी विवाद के चलते अपने अपने भाई की गोली मारकर हत्या करने के मामले
में अतिरिक्त सेशन जज सुरिंदर सिंह साहनी की अदालत ने जरनैल सिंह को दोषी
करार देते उसे आई.पी.सी की धारा 302 में उम्रकैद व दस हजार जुर्माना की
सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर दोषी की सजा में एक वर्ष का
अतिरिक्त कारवास भुगतना पड़ेगा। गांव खलचिया के गांव बुट्टर के रहने वाले
अजाद सिंह के बयानो पर पुलिस थाना खलचिया ने 27 अप्रैल 2011 को हत्या का
मामला दर्ज किया था। अजाद सिंह ने बताया कि वह अपने पिता करनैल सिंह के
साथ अपने बोलेरो कार में सवार होकर घर की तरफ जा रहा था।
जब वह
अपने घर के पास पहुंचा तो उसके ताया जरनैल सिंह , चाचा अवतार सिंह व
प्रीतपाल सिंह ने अपने ट्रैक्टर से उनका रास्ता रोक कर हमला कर दिया। इस
दौरान जरनैल सिंह ने अपनी राइफल से उसके पिता करनैल सिंह को गोली मारकर
हत्या कर दी।