आम आदमी पार्टी के नेता एडवोकेट एचएस फुलका ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि वे अकाली दल के संयोजक व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को आदेश दें कि वे केंद्र सरकार के साथ बात करके 84 के दंगा पीड़ितों के केसों को दोबारा ओपन करने के लिए स्पेशल इनवेटिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन करवाएं।
वहीं सज्जन कुमार के खिलाफ नंगलोई थाना में दर्ज केस जिस की जांच 1992 में पूरी हो चुकी है, उनका चालान अदालत में पेश करवाया जाए। फुलका के साथ इस समय भारी संख्या में आप वर्कर भी मौजूद थे।
जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए फुलका ने कहा कि जब बादल और भाजपा सत्ता के बाहर थे तो दिल्ली दंगों के दोषियों को सजाएं दिलवाने के लिए धरनों और प्रदर्शनों में बैठ कर एसआईटी बनाने की मांग की जाती थी। आज जब भाजपा और बादल केंद्र व पंजाब दोनों में ही सत्ता में हैं तो एसआईटी की बात को नकारे करके सिर्फ कमीशन बैठाने की बात की जा रही है।
इतिहास गवाह है कि कमीशन कई कई साल तक जांच करते रहते हैं और कोई भी सार्थक कदम दोषियों के खिलाफ नहीं उठाते। सिर्फ अपनी रिपोर्ट तक ही सीमित रहते हैं, जबकि एसआईटी जांच के बाद अपनी ओर से चार्जशीट दायर करके दोषियों को सजाएं दिलाती है।