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सड़क पर आई दोहरी वोट की जंग

Tue, 13 May 2014 10:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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अनिल जोशी और वकीलों के बीच दोहरी वोट बनाने के मामले से शुरू हुई जंग अब सड़कों पर आ गई है। मंगलवार सुबह मंत्री अनिल जोशी के मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपाई आमने-सामने हो गए। जोशी की ओर से अमृतसर के एक वकील और उसके भाई पर कथित तौर पर करवाया हमला और दूसरे वकील के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज करवाने का विवाद राजनीतिक व कानूनी रूप में पेचीदा हो गया।
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जोशी के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे वकीलों संदीप गोरसी और विनीत महाजन में से महाजन और उसके भाई पर बीते दिन हुए कातिलाना हमले के बाद यह मामला गरमा गया है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेसी वर्कर और सीनियर नेता जोशी की कोठी के बाहर धरना देने गए तो पुलिस की तरफ से उन को थोड़ी दूरी पर ट्रीलियम माल के बाहर ही रोक लिया गया। कांग्रेसी वर्करों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।



दोनों तरफ से तनावपूर्ण स्थिति पर काबू पाने के लिए जगह-जगह बैरिकेट लगाए हुए थे। बहुत से कांग्रेसी वर्करों को बाईपास और शहर के बाहर से ही रोक लिया गया। करीब एक घंट से भी ज्यादा धरना देने के बाद जब कांग्रेसी जोशी के घर की ओर आए तो पुलिस ने उनको आगे नहीं जाने दिया। दर्जनों कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पहले से वहां खड़ी की गई बसों में बैठाकर अलग-अलग थानों में भेज दिया।
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कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अमृतसर में इस समय पर सरकारी गुंडागर्दी हो रही है। शहर और पंजाब के लोग 1984 से बाद एक अलग किस्म का अकाली भाजपा का राजनीतिक आतंकवाद भोग रहे हैं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि जोशी की तरफ से पुलिस की मौजूदगी में सरेआम लोगों को संबोधन किया गया है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बन कर देखती रही। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि वकील विनीत महाजन और संदीप गोरसी के मामले में यदि पुलिस की तरफ से अनिल जोशी के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो वह जोशी के खिलाफ संघर्ष और तेज करेंगे। उनकी मांग है कि जोशी के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज हो और जोशी को तुरंत मंत्री पद से हटाया जाए।


छावनी में बदला दो किलोमीटर का एरिया
ट्रीलियम मॉल से थोड़ी दूरी पर ही जोशी की कोठी के आगे पुलिस ने डेरा लगा रखा था। जोशी की कोठी की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर दो-दो किलोमीटर तक भारी पुलिस बल तैनात था। पांच जिलों की पंजाब पुलिस के साथ-साथ बड़ी संख्या में पैरा मिलिट्री फोर्स और बड़ी गिनती में महिला पुलिस भी तैनात की हुई थी। जोशी की कोठी के आसपास दो किलोमीटर तक कर्फ्यू तक लगा दिया गया था। आम लोगों को भी पुलिस घरों से बाहर नहीं निकलने दे रही थी। यहां तक बच्चों की स्कूल वैनों को भी क्षेत्र में जाने नहीं दिया।

वहीं मंगलवार सुबह पत्रकारों के साथ बातचीत में जोशी ने कहा कि वकील विनीत महाजन पर जिन भी व्यक्तियों ने हमला किया है, उनको वह भी उन को सजाएं दिलाने में महाजन के परिवार की मदद करना चाहते हैं।
केस नहीं सिर्फ शिकायत है
जोशी ने कहा कि विनीत महाजन और संदीप गोरसी अदालत के  फैसले से पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करके मुझे और मेरे परिवार को बदनाम करने में लगे हैं। अदालत में उनके खिलाफ कोई भी केस नहीं है, सिर्फ शिकायत है। वह अपने बचाव के लिए ही सिर्फ अग्रिम जमानत की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह आज के इस धरने को संबोधित कर सकते हैं और अदालत की तरफ से उनके खिलाफ जारी वारंट उन्हें अभी नहीं मिले हैं। मंगलवार को भाजपाइयों की तरफ से दिए जा रहे धरने पर जोशी ने कहा कि यह उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग हैं जो उन्हें प्यार करते हैं और सिर्फ उनके समर्थन में इकट्ठे हुए हैं। इनकी तरफ से कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया जाएगा।
साजिश के पीछे करमजीत रिंटू का हाथ
जोशी ने कहा कि वह विनीत महाजन पर हुए हमलों की निंदा करते हैं। इस साजिश के पीछे उनके विरोधी करमजीत सिंह रिंटू का हाथ है। उन्होंने इस मौके पर बार काउंसिल से भी अपील की कि मसले को निजी तौर पर न लिया जाए। आम आदमी को भी इंसाफ के लिए अदालत में जाना पड़ता है। उन्होंने बार काउंसिल और एसोसिएशन के सदस्यों को भी अपील की कि वह हड़ताल न करें।
महाजन का हाल जानने मैं भी जाना चाहता था
भाजपा की संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू और प्रो. लक्ष्मीकांता चावला की तरफ से एडवोकेट विनीत महाजन का अस्पताल में पता लेने जाने के सवाल पर जोशी ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। यदि वह पता लेने गए हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि पता लेने तो मैं भी जाना चाहता हूं, लेकिन मेरे लिए कई मुश्किल हैं।
मेरी बहन जैसी हैं रेनू, मुझसे आकर बात करें
उन्होंने कहा कि जख्मी वकील महाजन की पत्नी रेनू महाजन की तरफ से जानबूझ कर उनके खिलाफ बुरी शब्दावली इस्तेमाल की जा रही है जबकि वह उनकी बहन जैसी है। उन्होंने कहा कि रेनू महाजन मुझसे सीधी बात कर सकती हैं। वह खुद भी दोषियों को सजा दिलाने में उनकी पूरी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों वकीलों की तरफ से उनके विरुद्ध केस किया गया है वह सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। उन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है।
गिरफ्तारी के वारंट नहीं : एडीसीपी
इस धरने के दौरान निगरानी कर रहे एडीसीपी एचएस बराड़ को जब जोशी को अदालत की ओर से जारी किए गए गैर जमानती वारंट होने के बावजूद जोशी के स्टेज पर बोलने और उनको पुलिस की ओर से गिरफ्तार न किए जाने का कारण पूछा तो बराड़ ने कहा कि उनके पास अभी तक जोशी की गिरफ्तारी के अदालती वारंट नहीं पहुंचे हैं। जब उनको पूछा गया कि यह वारंट उनके थाना सिविल लाइन में पहुंच गए है तो बराड़ का जवाब था कि मैं किसी थाना का प्रभारी नहीं हूं। मेरे पास अभी वारंट नहीं पहुंचे है।
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