अमृतसर। केंद्र सरकार की ओर से देश में मुफ्त इलाज देने के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत सरबत सेहत बीमा योजना में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। शहर के तीन और प्रसिद्ध प्राइवेट अस्पतालों का भी योजना के तहत मरीजों का रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा है। संभावना है कि सेहत विभाग इन अस्पतालों पर जल्द कार्रवाई कर सकता है। इससे पहले विभाग ने इसी सप्ताह पांच प्राइवेट अस्पतालों की योजना के तहत मान्यता रद्द कर दी है। दरअसल, कुछ प्राइवेट अस्पताल पैसा कमाने के चक्कर में सरकारी योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि अब स्टेट हेल्थ एजेंसी जिले के 87 अस्पतालों के रिकॉर्ड चेक कर रही है। इस दौरान पाया गया है कि जिले के तीन और प्रसिद्ध प्राइवेट अस्पतालों का रिकॉर्ड भी योजना से मेल नहीं खा रहा है। अगर पंजाब सरकार गंभीरता से अस्पतालों के रिकार्ड की जांच करवाए तो कई मामलों से पर्दा उठ सकता है। विभाग ने दावा किया है कि वह समय-समय पर अस्पतालों का रिकॉर्ड चेक करते हैं, परंतु इसके बावजूद घपले सामने आना विभाग की कारगुजारी पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
ईसीएचएस में भी हो चुका है घोटाला
सरबत सेहत बीमा योजना का घोटाला सामने आने से पहले अमृतसर में ईसीएचएस योजना के तहत कुछ प्राइवेट अस्पतालों का घोटाला सामने आ चुका है। सेना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राइवेट अस्पतालों के डाक्टरों व उनसे जुड़े हुए लोगों पर मामले भी दर्ज करवाए हैं। ईसीएचएस योजना के तहत उनकी मान्यता रद्द कर दी गई है, पर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर घोटाले क्या अमृतसर में ही हो रहे हैं। पंजाब में अन्य स्थानों पर नहीं, यह जांच का विषय है।
तीन अस्पतालों की हो रही जांच : डॉ. चरणजीत सिंह
सिविल सर्जन डा. चरणजीत ने बताया कि जिले के तीन प्रसिद्ध प्राइवेट अस्पतालों का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। रिकार्ड की जांच के बाद ही वह कुछ कह पाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सरकारी पैसों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो अस्पताल नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं, उन्हें कुछ नहीं कहा जा रहा। पारदर्शी ढंग से जांच की जा रही है।