सांसद गुरजीत औजला द्वारा केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र के बाद गुरु नानक देव अस्पताल प्रशासन द्वारा खरीदी गई पीपीई किट्स में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में तेजी आ गई है। मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की मुखिया पुडा प्रसाशक डॉ. पल्लवी ने पीपीई किट्स खरीद से जुड़े अस्पताल के अधिकारियों और इन किट को घटिया बताने वाले डॉक्टरों को अपने कार्यालय में बुलाया। डॉ. पल्लवी ने गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट सहित बीस डॉक्टरों के बयान दर्ज किए। जांच बंद कमरे में शुरू हुई। वहीं डॉ. पल्लवी ने कहा कि वह जांच रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजेंगी। कोरोना काल में सांसद गुरजीत औजला ने अस्पताल प्रशासन को पीपीई किट खरदीने के लिए एक करोड़ की राशि जारी की थी। प्रशासन ने इससे दो हजार पीपीई किट्स खरीदी थीं। इन किट्स का मूल्य 41 लाख 43 हजार रुपये बताया गया। ये किट्स पहनते ही फट जाती थीं। मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों और पीजी डॉक्टर्स ने किट्स को पहनने से इंकार कर दिया। उनका तर्क था कि इस घटिया किट से वे संक्रमित हो सकते हैं।