स्थानीय निकाय विभाग की मंजूरी के बाद टेंडर होल्डर ने शुरू किया काम : सहायक कमिश्नर
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिअद-भाजपा द्वारा 2016 में 600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बीआरटीएस परियोजना को अब समाप्त करने पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पिछले दिनों एक समाजसेवक द्वारा सामाजिक माध्यम पर जारी दृश्य-श्रव्य सामग्री के बाद शिअद, भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिअद के पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने सामाजिक माध्यम पर प्रविष्टि डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरटीएस परियोजना के काम के लिए कम राशि में निविदाएं लगाई जा रही हैं। इससे अफसरशाही और सरकार के कुछ नेता पंजाब के पैसों को लूटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से निविदा प्रक्रिया, अनुमानित लागत और काम के लिए निर्धारित राशि का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेसी नेता विकास सोनी ने कहा कि इतने बड़े सार्वजनिक परिवहन परियोजना में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता की जांच की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद तरुण चुग ने कहा कि बीआरटीएस केवल बस सेवा नहीं थी। यह अमृतसर जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक और शैक्षणिक शहर के लिए एक सस्ती, व्यवस्थित और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करने का प्रयास था। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर पिछले साढ़े चार वर्षों में इस व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस प्रयास न करने का आरोप लगाया। 31 किलोमीटर लंबे गलियारे को नष्ट किया जाना सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
निगम का पक्ष
निगम के सहायक आयुक्त जय इंदर सिंह ने बताया कि परियोजना को लेकर अलग-अलग 13 निविदाएं लगाई गई थीं। स्थानीय निकाय विभाग से मंजूरी मिलने के बाद गलियारा खत्म करने का काम शुरू किया गया है।
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