डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने पंजाब में सुरक्षा की दूसरी पंक्ति को लेकर शुक्रवार को यहां के एक होटल में संसदीय कमेटी के साथ दो घंटे मीटिंग की।
मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव तिलकराज, संसदीय कमेटी के प्रमुख सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पंजाब होम सेक्रेटरी सर्वेश कौशल, बीएसएफ के आईजी अनिल पालीवाल, आईजी ऑपरेशन राजीव कृष्ण, डीआईजी सुमेर यादव उपस्थित थे।
दीनानगर, पठानकोट एयरबेस हमले के बाद प्रदेश सरकार ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक कर फैसला लिया था कि आतंकियों को जवाब देने के लिए राज्य पुलिस अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी। इसमें पंजाब पुलिस के मुलाजिमों को स्पेशल ट्रेनिंग देकर उन्हें बार्डर क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इसी सिलसिले में डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने गृह मंत्रालय की संसदीय कमेटी के सामने सुरक्षा की दूसरी पंक्ति की तैनाती की मांग रखी।
इससे पूर्व डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने पुलिस लाइन में विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका। मीटिंग में बार्डर क्षेत्र के तीन सौ किसानों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कमेटी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
किसानों ने बताया कि उनकी जमीन सरहद पार होने पर कई समस्याएं आ रही हैं, जिनके समाधान के लिए वे कई बार राज्य सरकार को मिलकर उन्हें अवगत करा चुके हैं। सरकार केंद्र सरकार का हवाला देकर उन्हें हर बार निराश कर देती है।
संसदीय कमेटी ने किसानों की समस्याओं को सुना और कहा कि जल्द ही वे उनकी समस्या को पीएमओ दफतर में बताएंगे। फाइनल रिपोर्ट एक माह बाद आएगी। पठानकोट एयरबेस, दीनानगर पर आतंकी हमलों के बाद डीजीपी ने उनके सामने सुरक्षा की दूसरी पंक्ति के बारे में अपने विचार रखे। संसदीय कमेटी ने इन्हें गौर से सुनने के बाद कहा कि रिपोर्ट बनाकर गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। इसका फैसला जल्द हो जाएगा।
नशे का रहा अहम मुद्दा
नशे को लेकर संसदीय कमेटी में काफी चर्चा हुई। संसदीय कमेटी ने कहा कि पंजाब में बढ़ते नशे के का प्रभाव से केंद्र खासा नाराज है। पंजाब का हर दूसरा युवा नशे के दलदल में फंस चुका है। राज्य सरकार के प्रयास कोई काम नहीं कर रहे। राज्य सरकार नशे को रोकने में कितनी सफल रही, उसके बारे अभी तक पंजाब ने केंद्र सरकार को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी।