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अकाली नेताओं का कुंवर विजय प्रताप सिंह पर राजनीतिक हमला

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पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक पार्टियों ने उन्हें राजनीति के प्लेटफार्म पर घेरना शुरू कर दिया है। शिअद पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने उन पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि ड्रग मामले में गिरफ्तार राजीव भगत के कुंवर विजय प्रताप सिंह के साथ तार जुड़े हुए हैं। अगर इन दोनों की काल डिटेल निकलवाई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है। वल्टोहा ने रविवार को यह बात ग्रीन एवेन्यू में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। इस अवसर पर अकाली दल का जिला प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का भी मौजूद थे।
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वल्टोहा ने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह एसटीएफ, एसएसओसी और ओपो के चीफ रहे। यह सभी विंग तस्करों और गैंगस्टरों की धर पकड़ करते हैं तो कुंवर ने पिछले साढ़े चार साल के दौरान कोई बड़े तस्कर या गैंगस्टर नहीं पकड़े। कुंवर का राजीव भगत के साथ पुराना संबंध है। जब सेवा के दौरान कुंवर का कैप्टन की ओर झुकाव था तो राजीव भगत कांग्रेस के साथ थे और जब कुंवर ने आम आदमी पार्टी में शामिल होना था तो कुछ दिन पहले ही भगत आप का हिस्सा बन गए।
उन्होंने राजीव भगत की पंजाब के सीएम व अन्य कांग्रेसी नेताओं सहित राहुल गांधी के साथ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि कुंवर के पास कोई रास्ता नहीं रहा तो वे आप में शामिल हो गए। उन्होंने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि इसमें हमारा भी एक साथी (इंद्रबीर सिंह बुलारिया) भी इनके साथ रहा है। कुंवर ने अपनी वर्दी को राजनीतिक फायदे के लिए प्रयोग किया। बताया तो यह भी जा रहा है कि राजीव भगत ने आप में शामिल होने के लिए केजरीवाल और पार्टी के जरनैल सिंह को बड़ी राशि अदा की।
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वल्टोहा ने कहा कि कुंवर ने अपनी वर्दी का फायदा दिखाते हुए एक राजनेता के इशारे पर यूपी से कुछ लोगों को गिरफ्तार कर उन पर एनडीपीएस का केस डाला, जिसमें हाईकोर्ट ने कुंवर को 5,000 रुपये जुर्माना किया। उन्होंने राजीव भगत मामले में पंजाब सरकार से मांग की कि इसमें सीबीआई या एनसीबी से जांच करवाए और दोनों की काल डिटेल निकलवाए तो कुंवर की उसके साथ संलिप्तता सामने आएगी।
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