सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन के दर्शनों के लिए दो दिव्यांगों को पवित्र परिक्रमा में सेवा निभा रहे सेवादारों ने व्हील चेयर के साथ दर्शनी ड्योढ़ी के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया। चलने में असमर्थ दोनों दिव्यांगों को समझाने के लिए परिक्रमा इंचार्ज बघेल सिंह श्री दरबार साहिब के प्रबंधकों के साथ दर्शनी ड्योढ़ी तक पहुंचे। उन्होंने दोनों से कहा कि मर्यादा के अनुसार उनकी व्हील चेयर मुख्य भवन तक नहीं जा सकती।
व्हील चेयर के साथ मुख्य भवन तक जाने की अनुमति न मिलने के बाद पटियाला से आए दिव्यांग शिंगारा सिंह और बठिंडा से आए रंजीत सिंह ने श्री दरबार साहिब के प्रबंधकों से कहा कि वह भी श्रद्धा के साथ श्री दरबार साहिब आए हैं। मुख्य भवन की तरफ जाने वाले पुल पर चलना उनके लिए असंभव है। दोनों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सचिवालय में एक पत्र देकर मांग की कि दिव्यांग भी मुख्य भवन में जाकर नतमस्तक हो सकें, इसके लिए एक नए रस्ते का निर्माण किया जाए।
नया रास्ता नहीं बनाया जा सकता
श्री हरमंदिर साहिब के दर्शनों के लिए उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए कुछ साल पहले भी श्री दरबार साहिब में एक अलग रास्ते के निर्माण की आवाज उठी थी। इस मांग को भी मना कर दिया गया था। श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदारों का मानना है कि दर्शनों के लिए जिस रास्ते का निर्माण गुरु साहिबान ने किया, उसे बदला नहीं जा सकता।