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दिल्ली से ऑनलाइन ठग गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार, पांच लाख की ठगी के बाद दीनानगर की पुलसि ने दबोचे

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थाना दीनानगर की पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस गिरोह के चार सदस्यों को नई दिल्ली से काबू किया है।
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एसएसपी गुरदासपुर डॉ. रजिंदर सिंह सोहल ने बताया कि 5 अगस्त को उन्हें किरनप्रीत निवासी गांव रणजीत बाग ने शिकायत दी थी कि उसने नौकरी हासिल करने के लिए शाइन डाट काम वेबसाइट पर अपना बायोडाटा दिया था। जिसके बाद उन्हें दो अलग अलग नंबरों पर फोन आया और काल करने वाले ने कहा कि हमने आपका डाटा चेक कर लिया है और आपकी नौकरी संबंधी बातचीत चल रही है। उन्होंने उसे व्हाट्सएप के माध्यम से एक लिंक भेजा, जिसे क्लिक करने के बाद उस पर आए एक फार्म को भर दिया। जिसमें अपनी पूरी जानकारी डाल दी। इसके बाद उसके फोन पर एक ओटीपी नंबर आया, वह ओटीपी नंबर फोन करने वाले को लिखवा दिया। जिसके बाद शिकायतकर्ता के बैंक अकाउंट से फोन करने वालों ने नेट बेकिंग के माध्यम से अन्य खातों में पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर निकाल लिए।
शिकायत के बाद जांच थाना दीनानगर के प्रभारी कुलविंदर सिंह को सौंपी गई गई। जांच के दौरान बैंक खातों की डिटेल हासिल करके एएसआई हीरा सिंह के नेतृत्व में टीम तैयार की गई और टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना किया गया। दिल्ली में पुलिस ने चार आरोपी प्रदीप कुमार यादव पुत्र महंत प्रसाद यादव, जीतू पुत्र बिल्लू, नीरज शर्मा पुत्र राज कुमार शर्मा व जय प्रकाश पुत्र मुन्ना लाल सभी निवासी नई दिल्ली को काबू किया गया।
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एसएसपी सोहल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सरगना अशीष मित्तल व मनीष कुमार ने मिलकर एक गिरोह बनाया था। इसके तीन सदस्यों के नाम पर दिल्ली में कंपनी खोली हुई थी। जो मनी ट्रांसफर का काम करती थी। इसकी आड़ में ये लोगों से ठगी का गोरख धंधा कर रहे थे। इनमें से मुनीष कुमार जाली कागजात तैयार करता था और इन पर गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाते थे। इस आधार पर जाली नाम से बैंक में खाते खोल लेते थे। इसके बाद गिरोह का सरगना अशीष मित्तल इंटरनेट से सर्च कर लोगों के मोबाइल नंबर हासिल कर उनकी जानकारी हासिल करता था और उन्हें व्हाट्सएप से लिंक भेजकर क्लिक करने के लिए कहा जाता था। कोई इनकी बातों में आकर लिंक क्लिक करता तो बहाने से उसकी जानकारी हासिल कर ओटीपी नंबर ले लेते और उसके बैंक खाते से नेट बैंकिंग के माध्यम से राशि जाली नाम से खोले गए खाते में ट्रांसफर कर लेते।
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उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों से एक स्कैनर, एक कैमरा, एक डीवीआर बाक्स, आईसीआईसी बैंक की 37 स्वैप मशीनें व एक्सिस बैंक की एक स्वैप मशीन, सात जाली आधार कार्ड, दो जाली ड्राइविंग लाइसेंस, दो जाली पैन कार्ड, दो जाली डैबिट कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को गुरदासपुर की अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। एसएसपी सोहल ने बताया कि साइबर सेल को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि साइबर क्राइम को रोका जा सके।
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