अमृतसर। गुरु नानक देव अस्पताल में ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित गुरदासपुर के गांव ठीकरीवाल के 53 वर्षीय रछपाल सिंह की गुरु नानक देव अस्पताल में मौत हो गई। अब तक अमृतसर में ब्लैक फंगस से दस लोगों की मौत हो चुकी है। ब्लैक फंगस के चलते डाक्टर रछपाल सिंह की दोनों आंखें और साइनिस बोन निकाल दी थी, लेकिन ब्लैक फंगस मरीज के दिमाग तक पहुंच गया था। मृतक रछपाल के भाई तरसेम सिंह के मुताबिक जून माह में रछपाल का शुगर लेवल बढ़ गया था। उन्हें गुरदासपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। तब वहां डाक्टरों ने इलाज शुरू किया और उसके भाई की हालत बिगड़ने पर ईएनटी डाक्टरों ने जांच के बाद उसमें ब्लैक फंगस की पुष्टि कर दी। इसके बाद गुरु नानक देव अस्पताल के डाक्टरों ने रछपाल की आंखों से लेकर साइनिस तक ब्लैक फंगस होने की पुष्टि कर दी। डाक्टरों ने उसके भाई की जिंदगी बचाने के लिए रछपाल की दोनों आंखें और साइनिस की हड्डी निकाल दी। जिसके बाद ठीक होने पर वे अपने भाई को वापस ले गए मगर कुछ दिनों बाद पता चला कि ब्लैक फंगस उसके भाई के दिमाग तक पहुंच चुका है, तो वे रछपाल को दोबारा गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया। वीरवार को रछपाल की मौत हो गई।