निर्मल सिंह खालसा की अस्थियां एकत्रित करते परिजन
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पंथ प्रसिद्ध रागी सिंह निर्मल सिंह खालसा के अंतिम संस्कार का विरोध करने के कारण सिखों की आलोचना झेल रहे वेरका निवासियों के सामने धार्मिक संकट खड़ा हो गया है। शिरोमणि रागी संस्था अमृतसर के अध्यक्ष भाई ओंकार सिंह ने वेरका नगर में किसी भी धार्मिक व अन्य मौकों के कार्यक्रमों में शबद कीर्तन करने का बायकाट करने की घोषणा कर दी है।
वहीं श्री हरमंदिर साहिब के साथ जुड़ी शिरोमणि रागी सभा के रागी भाई कुलदीप सिंह ने कोरोना वायरस से वातावरण ठीक होने के बाद उस स्थान पर गुरुबाणी कीर्तन कर रागी निर्मल सिंह खालसा को श्रद्धांजलि भेंट करने की घोषणा की जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया है।
भाई ओंकार सिंह ने कहा कि जिस प्रकार वेरका निवासियों ने भाई खालसा के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के दरवाजे बंद कर लिए उससे रागी सिंह के दिलों को गहरी चोट पहुंची है। वेरका निवासियों का कृत्य सिख धर्म के विरुद्ध है। श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी के साथ इस प्रकार के दुर्व्यवहार से दुनिया भर के रागी सिंहों में रोष है। ओंकार सिंह ने कहा कि वेरका के पार्षद मास्टर हरपाल सिंह वेरका और नवदीप सिंह हुंदल ने जिस मानसकिता का परिचय दिया है, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
रागी सिंह सभी के सांझे हैं। बिना किसी भेदभाव सभी के घरों में कीर्तन कर उनके परिवार की चढ़ती कला की अरदास की जाती है। वेरका निवासियों की इस मानसिकता के कारण शिरोमणि रागी संस्था को भरे मन से यह निर्णय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि रागी सिंह वेरका नगर के किसी भी समागम में गुरुबाणी कीर्तन नहीं करेंगे। यह निर्णय श्री हरमंदिर साहिब के साथ जुड़े सभी रागी सिंहों ने सर्वसम्मति से किया है।
वेरका निवासियों ने खालसा की यादगार के लिए दो करोड़ की भूमि दी दान
भाई निर्मल सिंह खालसा के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के दरवाजे बंद कर विरोध करने वाले वेरका निवासियों ने अपनी गलती का अहसास करते हुए वेरका नगर की पंचायत जमीन का नौ कनाल दो मरले का हिस्सा भाई खालसा के नाम कर दिया है। हरपाल सिंह वेरका ने कहा कि दान की गई जमीन की कीमत दो करोड़ रुपये है।
इस जमीन पर भाई खालसा के नाम पर एक संगीत अकादमी या म्यूजियम की स्थापना की जा सकती है। प्रशासन या कोई निजी संस्था इस जमीन पर भाई निर्मल सिंह खालसा के नाम पर कोई यादगार भी बना सकती है। भाई निर्मल सिंह के नाम पर स्थापित की जाने वाली किसी भी संस्था में उन्होंने वेरका के बच्चों को तरजीह देने की बात भी की।