शहीद स्थली जलियांवाला बाग नवीनीकरण के चलते 15 फरवरी से 13 मार्च तक पर्यटकों को लिए बंद किया जाएगा। इस दौरान किसी भी पर्यटक को बाग में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस समय अंतराल के दौरान पार्क को नया स्वरूप दिया जाएगा, ताकि 13 अप्रैल 2020 में बाग में शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा सके।
जलियांवाला बाग में नवीनीकरण का कार्य कर रही एजेंसी ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को इस संदर्भ में एक पत्र लिखा था, जिसमें यह कहा गया था कि कुछ दिनों के लिए जालियांवाला बाग को पर्यटन के लिए बंद किया जाए। इससे उसका नवीनीकरण सही तरह से हो पाए।
सरकार शहीदों के प्रति सवेंदनहीन :डॉ. राज कुमार
विधायक डॉ. राज कुमार ने कहा कि जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन के लिए आने वाले पर्यटकों पर रोक शहीदों का अपमान है। इतने लंबे समय तक पर्यटक इस शहीद स्थली के दीदार करने से वंचित रहेंगे, जो बिल्कुल गैर वाजिब रवैया है।
मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही शहीदों के बलिदान की होगी अनुभूति
लगभग 20 करोड़ की लागत से जलियांवाला बाग में चल रहे नवीनीकरण कार्यों के बाद इस शहीद स्थली का चप्पा-चप्पा देश की आजादी में पंजाबियों के बलिदान को प्रदर्शित करेगा। इसकी दीवारें इतिहास का वृतांत सुनाएंगी। जलियांवाला बाग की वर्तमान गैलरी का पुनर्निर्माण कर वहां अति आधुनिक तकनीक से जलियांवाला बाग का इतिहास दिखाया जाएगा। जिस रास्ते से प्रवेश करके जरनल डायर ने निहत्थे भारतीयों पर गोलियां चलाई थीं। उस रास्ते को नया स्वरूप दिया जाएगा।
मुख्य प्रवेश द्वार में किए जाने वाले नवीनीकरण के कार्यों के कारण पर्यटकों की एंट्री बंद की गई है। लगभग छह दशक से बनी शहीदी लाट का नवीनीकरण किया जाना है। वहीं शहीदी लाट के आसपास के क्षेत्र में पानी का एक बड़ा फव्वारा भी लगाया जाएगा। शहीदी लाट के आसपास बने पुराने फव्वारों को बदला जाएगा। नए फव्वारे में देशभक्ति की धुनें सुनाई देंगी।
यह फव्वारा जलियांवाला बाग के उस इतिहास की याद दिलाएगा, जिस समय घटना घटित हुई थी। जलियांवाला बाग के प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर दाएं-बाएं स्थित खुले हॉल में शहीदों की कहानियां आधुनिक तकनीक से सुनाई जाएंगी। जलियांवाला बाग के साथ सटी हर बिल्डिंग में ऐसा पत्थर और आधुनिक मैटेरियल लगाया जाएगा। वहीं शहीद ऊधम सिंह की शौर्य गाथा को लाइट एंड साउंड शो के माध्यम पर्यटकों को दिखाने के लिए एक स्टेडियम का निर्माण भी कराया जाएगा।