सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से संबंधित शूटरों का खंगाला रिकाॅर्ड
तरनतारन। केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में 26 फरवरी को हुई गैंगवार मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट इकबाल सिंह बराड़ समेत पांच अधिकारियों को नाटकीय ढंग से गिरफ्तार करने व दो दिन बाद अदालत में अर्जी देकर उनको डिस्चार्ज करवाने का मामला पंजाब पुलिस के गले की हड्डी बन रहा है। सूत्रों के अनुसार इस घटनाक्रम की जांच के मद्देनजर केंद्र द्वारा मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की तैयारी कर ली गई है। इसके मद्देनजर एनआईए की टीम ने जेल का दौरा किया है।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से संबंधित शार्प शूटरों के बीच 26 फरवरी को केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब की हाई प्रोफाइल सिक्योरिटी वाली बैरक में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया व लाॅरेंस बिश्नोई के गुर्गों में गैंगवार हुई थी। इसमें मनदीप सिंह तूफान बटाला, मनमोहन सिंह मोहना मानसा की हत्या कर दी गई थी जबकि तीन शूटर मनप्रीत सिंह भाऊ, केशव बठिंडा, अरशद खान घायल हो गए थे। इस मामले में सात गैंगस्टरों को नामजद करने के बाद राज्य की विभिन्न जेलों में तब्दील कर दिया गया था।
हत्याकांड को 12 दिन गुजर जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने किसी भी गैंगस्टर को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन रिमांड पर नहीं लिया। जबकि जेल सुपरिंटेंडेंट इकबाल सिंह बराड़ समेत पांच अधिकारियों को पहले नामजद करके दो दिन के रिमांड पर लिया व फिर दो दिन बाद कोर्ट में अर्जी देकर उन्हें केस से डिस्चार्ज करवा दिया। इस पूरे मामले में पुलिस पर सियासी दबाव सामने आ रहा है। इसके बीच एनआईए उक्त गैंगवार की जांच अपने हाथों में लेने की तैयारी में है।
एसपी रैंक के अधिकारी की अगुआई में एनआईए की पांच मेंबरी टीम ने केंद्रीय जेल का दौरा किया। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से संबंधित उन सभी (कुल-22) गैंगस्टरों का रिकार्ड लिया, जो इस जेल में बंद रह चुके हैं। जेल में रहने के दौरान उक्त गैंगस्टरों से कितने मोबाइल फोन व अन्य प्रकार का पाबंदीशुदा सामान मिला, उसका रिकार्ड भी खंगाला गया।
इन गैंगस्टरों के खिलाफ जेल में बंदी के दौरान कितने मामले दर्ज हुए और कितने मामलों में कौन से गैंगस्टर को गिरफ्तार करके पूछताछ की गई यह सारा रिकार्ड एनआईए ने खंगाला। एसपी (आइ) विशालजीत सिंह का कहना है कि जेल में हुई गैंगवार के मामले को लेकर पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। एनआईए की टीम कब आई व क्यों आई, इस बाबत कोई जानकारी नहीं है।