शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से लापता पावन स्वरूपों के मामले के आरोपियों पर पंथक परंपराओं के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है। मंगलवार को धर्म प्रचार कमेटी की बैठक से लौंगोवाल ने यह अपील की। इस संवेदनशील मामले में जत्थेदार से दूसरी बार दखल देने की गुहार लगाई गई है। इससे पहले लौंगोवाल ने इस मामले की जांच के लिए जत्थेदार से आग्रह किया था। जत्थेदार ने इस मामले की जांच के लिए एडवोकेट ईशर सिंह की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी के आधार पर एसजीपीसी ने अपने 16 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित और बर्खास्त कर दिया था। एसजीपीसी की इस कार्रवाई से पंथक संगठन संतुष्ट नहीं हैं और एसजीपीसी परिसर में धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि एसजीपीसी आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करे। धर्म प्रचार कमेटी की बैठक में लापता स्वरूपों के आरोपी एसजीपीसी कर्मचारियों के विरुद्ध एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। धर्म प्रचार कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह से अपील की है कि वह सिख संगत की भावनाओं के अनुसार सचखंड व श्री अकाल तख्त परिसर में में धरना-प्रदर्शन न करने के आदेश जारी करें।
एसजीपीसी अगले साल करेगी चार शताब्दी समारोहों का आयोजन
लौंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी अगले साल चार बड़ी शताब्दी समारोहों का आयोजन करेगी। श्री ननकाना साहिब के शहीदी साके की शताब्दी 21 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस साके के इतिहास को सिख बुद्धिजीवियों, चिंतकों और इतिहासकारों से तैयार करवाया जाएगा। 25 नवंबर को भगत नाम देव जी का 750वां जन्म दिवस मनाया जाएगा। बाबा बंदा सिंह बहादुर का 350वां जन्मदिवस 18 अक्तूबर को फतेहगढ़ साहिब में मनाया जाएगा। वहीं श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के बंदी छोड़ दिवस की चौथी शताब्दी भी अगले वर्ष मनाई जाएगी।