संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मीरी-पीरी खालसा मार्च बुधवार को गुरुद्वारा श्री देगसर साहिब कटाना से गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब, श्री चमकौर साहिब के लिए रवाना हुआ।
यह मार्च अपने दूसरे चरण में खालसाई परंपराओं के साथ आगे बढ़ा। मार्च की शुरुआत में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी उपस्थित रहे। धार्मिक दीवान में ज्ञानी केवल सिंह ने संगत को गुरमत विचारों से जोड़ा। उन्होंने गुरु की शिक्षाओं पर चलने की प्रेरणा दी। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंथ को कमजोर न किए जाने की बात कही। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए एकजुट होने की अपील की। एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मार्च का उद्देश्य गुरमत प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि मीरी-पीरी सिख जीवन का बुनियादी सिद्धांत है। मार्च का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत हुआ और लंगर भी लगाए गए।