अमृतसर। सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब में कोरोना जैसे वायरसों पर रिसर्च करने के लिए एक रिसर्च लैब का ब्लू प्रिंट मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी को भेजा जाएगा।
इंफ्लुएंजा लैब के इंचार्ज प्रो. केडी सिंह का कहना है कि कोरोना से भी खतरनाक कई वायरस होते हैं। उनके उपचार करने के लिए बीएसएल-3 लैबोरेटरी होना जरूरी है। प्रदेश में किसी भी मेडिकल कॉलेज में यह लैब नहीं है। रिसर्च सेंटर बनने पर प्रोफेसर एवं डॉक्टर भविष्य में आने वाले खतरों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहेंगे। रिसर्च सेंटर एवं बीएसएल-3 लैब की स्थापना के लिए मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त स्थान है। डॉ. केडी के अनुसार यह प्रोजेक्ट तकरीबन तैयार है। दिसंबर तक इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस प्रोजेक्ट पर सहमति की मुहर लगाएगी।
स्वाइन फ्लू की जांच भी होगी शुरू
कोरोना काल में सात माह तक इंफ्लुएंजा लैब में कोरोना वायरस की टेस्टिंग का काम होता रहा। शेष वायरसों स्वाइन फ्लू, एच1एन1 की जांच तक नहीं हो सकी। यह लैब कोरोना वायरस काल में पूर्णत: व्यस्त रही। कोरोना के शिथिल पड़ने के बाद अब 15 नवंबर के बाद दूसरे वायरसों की जांच भी शुरू कर दी जाएगी। विशेषकर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च सेंटर से टेस्टिंग किटें मंगवाई जा रही हैं।