लवप्रीत सिंह की जीत पर गांव सचंदर में मना जश्न।
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अमृतसर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव सचंदर सुर्खियों में आ गया है। गांव निवासी किरपाल सिंह बल के बेटे लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता है। बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन लवप्रीत ने पंजाब का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया। लवप्रीत के रिश्तेदारों और जान पहचान वालों ने फोन पर बधाइयां दीं। इसके साथ ही घर पर भी लोगों का तांता लग गया।
किरपाल सिंह और उनकी पत्नी सुखमिंदर कौर की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। गांव के गण्यमान्य और अन्य लोग ढोल लेकर घर पहुंच गए। इस दौरान भंगड़ा डालकर खुशी का इजहार किया गया। लवप्रीत सिंह के पिता-माता अपने बेटे की इस सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।
गांव में ही दर्जी का काम करते हैं पिता
वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह गांव सचंदर के एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता किरपाल सिंह बल गांव में ही दर्जी का काम करते हैं, जबकि चाचा सतपाल सिंह सब्जी बेचते हैं। किरपाल सिंह बल के तीन बच्चे हैं। लवप्रीत सिंह परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं। उनकी मनप्रीत कौर लवप्रीत छोटी बहन और एक छोटा भाई है। इन कॉमनवेल्थ गेम्स से कुछ समय पहले ही लवप्रीत सिंह ने ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी हिस्सा लिया था। पिता किरपाल बल, माता सुखमिंदर कौर तथा बहन मनप्रीत कौर ने बताया कि वे लवप्रीत की जीत के लिए वाहेगुरु के सामने बार-बार अरदास करते हैं। लवप्रीत ने क्लीन एंड जर्क के प्रयास में 185 किलो भार उठा कर शानदार प्रदर्शन किया हैं। वहीं, दूसरे प्रयास में सचंदर गांव के इस युवा वेटलिफ्टर ने 189 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
एनआरआई पूर्व सरपंच ने कनाडा से दी बधाई
सचंदर गांव के एनआरआई पूर्व सरपंच कारज सिंह ने कनाडा से युवा वेटलिफ्टर को इस बड़ी सफलता पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि कनाडा में पंजाबी परिवार भी बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के विजेताओं के जश्न मना रहे हैं। आज लवप्रीत सिंह ने विश्व भर में सचंदर गांव का नाम रोशन किया है।