अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश प्रीति साहनी की अदालत ने बुधवार को एक बहुचर्चित हत्या के मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा और 30-30 हजार रुपये का जुर्माना किया। 2014 को तरनतारन के अकाली विधायक हरमीत सिंह की सुरक्षा में तैनात हेडकांस्टेबल की हत्याकर उसका शव नहर में फेंक दिया था।
मामला 23 मार्च, 2014 थाना मकबूलपुरा का है। तब सुरक्षा अधिकारी हेडकांस्टेबल सुखदीप सिंह घर से ड्यूटी के लिए गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। उसके भाई जसपाल सिंह ने थाना मकबूलपुरा पुलिस को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
24 मार्च को सुलतानविंड नहर के पास एक शव के बारे वहां की पुलिस को सूचना मिली थी। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर गांव ओठीया के रहने वाले गुरलाल सिंह व कत्ल में उसका साथ देने वाले दूसरे साथी निशान सिंह को मकबूलपुरा के पास गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज कर लिया था।
बुधवार को दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश प्रीति सास्त्रत्त्जी की अदालत ने आरोपियों को उम्र कैद की सजा व 30-30 हजार जुर्माना न देने की सूरत में छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होंगी।