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Gurjant Singh: हॉकी के खिलाड़ी गुरजंट सिंह ने पांचवीं कक्षा में थामी थी स्टिक, मामा से सीखे हॉकी के गुर

Wed, 24 Jul 2024 01:56 PM IST
निवेदिता वर्मा पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)

सार

गुरजंट ने एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के रूप में वर्ष 2016 से खेलना शुरू किया, जब एफआईएच जूनियन हॉकी कप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका खेल कई खेल विशेषज्ञों की नजर में चढ़ा और उसे अलग-अलग विशेषज्ञों ने प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया।
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गुरजंट सिंह। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी गुरजंट सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। समय-समय पर भारतीय हॉकी टीम को अमृतसर ने कई योग्य खिलाड़ी दिए हैं। इनमें गुरजंट सिंह का भी नाम विशेष रूप से शामिल है। पेरिस ओलंपिक में गुरजंट सिंह से करोड़ों भारतीयों को बड़ी उम्मीदें हैं। गुरजंट भारतीय हाकी टीम में फॉरवर्ड खिलाड़ी हैं।
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गुरजंट का कहना है कि उनका बचपन से ही खेलों के प्रति काफी झुकाव था। पहले वह स्कूल में अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। पांचवीं कक्षा में से उन्होंने हॉकी को चुना और फिर खुद को हॉकी के लिए ही समर्पित कर दिया। पहली बार पांचवीं कक्षा में उन्होंने स्कूल खेलों में हॉकी की टीम में हिस्सा लिया। उनके मामा हरदेव सिंह हॉकी खिलाड़ी थे। उनका इलाके में काफी नाम था। इसके चलते उनका झुकाव भी इस खेल के प्रति हुआ। अपने मामा से गुरजंट ने हॉकी खेल के कई गुर सीखे, जो आज भी उनके काम आ रहे हैं।

टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे गुरजंट

गुरजंट ने एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के रूप में वर्ष 2016 से खेलना शुरू किया, जब एफआईएच जूनियन हॉकी कप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका खेल कई खेल विशेषज्ञों की नजर में चढ़ा और उसे अलग-अलग विशेषज्ञों ने प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। वर्ष 2017 के दौरान उन्होंने प्रमुख टूर्नामेंट में भाग लिया। ओलंपिक में चयन हुआ तो टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका प्रदर्शन सभी को भाया। राष्ट्रमंडल खेल-2014 (ग्लासगो, स्कॉटलैंड) में रजत पदक हासिल हासिल करने वाली टीम का भी वे हिस्सा थे। 19वें एशियाई खेल 2022 हांगझाऊ (चीन) में टीम ने स्वर्ण पदक जीता।

2021 में मिला था अर्जुन पुरस्कार

जूनियर विश्व कप-2016, जूनियर एशिया कप-2015 और हीरो एशिया कप-2017 में भी टीम ने स्वर्ण पदक जीता। भारत सरकार के खेल मंत्रालय की ओर से वर्ष 2021 में उनको अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में सुल्तान अजलान शाह कप में भी उन्होंने बढि़या प्रदर्शन किया। वह करीब 50 मैच खेल चुके हैं। इनमें वह 32 से अधिक गोल कर चुके हैं। वह कहते हैं कि टीम का लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में गोल्ड हासिल करना है, जिसे कर वह दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
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