संवाद न्यूज एजेंसी
तरनतारन। संयुक्त किसान मोर्चा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है। मोर्चा ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल रद करने की भी मांग की है। शुक्रवार को किसान नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने की मांग की गई। किसान मोर्चा ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। नेताओं ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून में संशोधन की मांग की। उन्होंने चयन समिति में प्रधानमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की वकालत की। किसान नेताओं ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ कथित मारपीट की निंदा की। उन्होंने महिला छात्रों और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद करने पर सवाल उठाए। किसान नेताओं के अनुसार, ऐसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने सरकार से इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
मौके पर सुखबंस सिंह सिद्धू, महावीर सिंह गिल, दविंदर सोहल, दलजीत सिंह दियालपुरा, रेशम सिंह फैलोके, चमन लाल दराजके, रतन सिंह ढंड, जस्सा सिंह कद्द गिल, गुरदयाल सिंह बरनाला और सुखचैन सिंह सरहाली भी माैजूद रहे।