खालसा कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के प्रधान सत्याजीत सिंह मजीठिया ने 200 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले अति आधुनिक खालसा मेडिकल कॉलेज (केएमसी) का नींव पत्थर रखा।
लगभग 20 एकड़ में बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेडिकल शिक्षा प्रदान की जाएगी वहीं लोगों को उच्चस्तरीय सेहत सहूलियतें भी दी जाएंगी।
काउंसिल प्रधान मजीठिया ने नींव पत्थर रखने के बाद बताया कि इस खालसा मेडिकल कॉलेज में 700 बेड का एक अस्पताल जल्द तैयार होगा। उन्होंने बताया कि इस समय काउंसिल के अधीन 17 शैक्षणिक संस्थाएं चल रही हैं और केएमसी 18वां शैक्षणिक कॉलेज होगा। इलाके के लोगों की मांग और मेडिकल शिक्षा की बढ़ती जरूरत के मद्देनजर उन्होंने इस कॉलेज को शुरू करने का फैसला लिया है। इसकी इमारत 3 साल में बनकर तैयार होगी। पहले चरण में अस्पताल तैयार होगा।
मैनेजमेंट सचिव रजिंदर मोहन सिंह छीना ने अन्य पदाधिकारीयों की मौजूदगी में बताया कि आने वाले समय में खालसा मेडिकल कालेज उनके मेन खालसा की तरह विश्व प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्था होगी। इसमें इस्राइल से निर्यात आधुनिक तकनीक और मशीनें स्थापित होंगी। सिर्फ अस्पताल की इमारत पर ही 84 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। कॉलेज में ओपीडी के अलावा इंडोर सेहत सहूलियतें मिलेंगी।
मेडिकल शिक्षा से संबंधित सभी फैकल्टियों और विभाग इस कॉलेज में स्थापित होंगे। इसके अलावा यहां अति आधुनिक लैबोरेटरी और डाइगनोस्टिक सेंटर बनाए जाएंगे। यहां पर उच्च रफ्तार वाली एक हाईटेक एंबुलेंस सर्विस भी उपलब्ध होगी और आने वाले समय में यहां पर वायु एंबुलेंस स्थापित करने का भी प्रावधान है। स. छीना ने कहा कि चेरिटेबल सोसाइटी द्वारा चलाए जाने के कारण इस अस्पताल में प्राथमिक और विशेष सहूलियतें बहुत ही कम कीमत पर लोगों को मिलेंगी। अस्पताल की इमारत का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा।