संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर उनके कुछ संदेश डिलीट करने पर कहा है कि मुख्यमंत्री को संबोधित मेरे संदेश को डिलीट करवाए जाने से मुझे कोई भी फर्क नहीं पड़ता है। सरकारें जब भी गलत होती हैं, तो सच की आवाज को दबाया जाता है। मेरा एक मैसेज डिलीट करने से सिख कौम की आवाज को दबाया नही जा सकता। लाखों युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए गए। मेरी कौम के करोड़ों लोग मेरे आवाज हैं। मैसेज डिलीट करने से हक की आवाज बंद नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री मान के बच्चों को धमकी देना गलत
उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह मामले में मुख्यमंत्री भगवंत के बच्चों को फोन पर धमकी देना गलत है। मुख्यमंत्री के बच्चों का इस मामले में क्या कसूर है। उन्हें निशाना बनाना बेवकूफी है। बच्चे निर्दोष हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने यह बात एक यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत दौरान कही। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह छह महीनों पहले पंजाब में आया और अमृतपान की गतिविधियां चला रहा था। कभी श्री अकाल तख्त साहिब पर तो कभी दमदमा साहिब में सरेंडर की बातें हो रही हैं। मीडिया या सरकार तक यह बातें कौन पहुंचा रहा है, यह देखना और समझना होगा। जज्बाती होकर उठाया गया कदम कभी सार्थक नहीं हो सकता। विदेशों में भारतीय दूतावासों पर भी जो कार्रवाई हो रही है, वे भी गलत है। हमें अगर प्रदर्शन करना है, तो ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे लाभ हो, ना कि नुकसान। ऐसा करके हम विरोधियों को अपने खिलाफ प्रचार करने का मौका देते हैं। सिख विरोधी ताकतों ने 27 मार्च को माहौल खराब करने की कोशिशें की। एसजीपीसी को कोई सख्त आदेश नहीं दिया। इस दौरान मीडिया के कुछ हिस्से ने पॉजिटिव रोल अदा नहीं किया।