बीएसएफ की 191 बटालियन के हाथों रविवार को पाकिस्तान के दो तस्कर मार जाने के बाद बुधवार को उन्हें खेमकरण के पास सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
इससे पूर्व तीन दिन तक बीएसएफ-पाकिस्तान के रेंजरों के साथ बैठक हुई। थाना खेमकरण के प्रभारी विश्वामित्र ने बताया कि पाक रेंजरों ने पहले ही माना था कि तस्कर उनके पास के गांव के थे।
पाक रेंजरों ने मृतक के परिजनों को भरोसा दिलाया था कि शवों को पाकिस्तान लाने के लिए भारत के साथ बैठक चल रही है। लगातार तीन दिन बीएसएफ-पाक रेंजरों की बैठक हुई।
बुधवार को पाक रेंजरों ने फाइल बनाकर जब इस्लामाबाद भेजी तो वहां से मना कर दिया गया कि ये तस्कर पाकिस्तान के नहीं हैं। इसके बाद बीएसएफ ने तस्करों के शव थाना खेमकरण के सुपुर्द कर दिए। बुधवार शाम को इस्लामिक रीति-रिवाज के साथ दोनों तस्करों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
क्या था मामला
रविवार सुबह खेमकरण के पास सरहद के पास से पाकिस्तान के तीन तस्करों ने भारत में यहां के दो तस्करों को 10 पैकेट हेरोइन के सौंपने थे। जब बीएसएफ को तस्करों की हलचल दिखी तो उन्होंने उन्हें ललकारा। पाकिस्तान तस्करों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाब में बीएसएफ की गोलियों से दो पाक तस्कर और दो भारतीय तस्कर मारे गए। पाकिस्तान का एक तस्कर वहां से भाग गया।